गुरुर को ख़त्म करते हुए इत्तिहाद के साथ काम करने की ज़रूरत

गुरुर को ख़त्म करते हुए इत्तिहाद के साथ काम करने की ज़रूरत

शम्सआबाद 29 दिसंबर : शम्सआबाद के मौज़ा पालमा कोल में बाम सेना और भारत मुक्ती मोर्चा के पाँच रोज़ा मीटिंग के चौथे दिन ज़हीरुद्दीन अली ख़ां मैनेजिंग एडीटर रोज़नामा सियासत ने अपनी मुख़ातबत में कहा कि आज के दौर में हर शख़्स सोशल मीडिया से मुतास्सिर है।

करोड़ों अफ़राद सोशल मीडिया पर मौजूद रहते हैं। हमें अपनी आवाज़ को भी सोशल मीडिया के ज़रीये अवाम तक पहुंचाना चाहीए। ज़हीरुद्दीन अली ख़ां ने कहा कि हमें अपनी गुरुर को ख़त्म करते हुए इत्तिहाद के ज़रीये काम करने की ज़रूरत है तब ही हम अपने मक़सद में कामयाब हो सकते हैं।

जब तक हम एक नहीं होंगे मसाइल का ख़ातमा नामुमकिन है जो ये पूरे मुल्क पर अपनी हुक्मरानी के ज़रीये आपस में लड़वा कर ख़ुद हुकूमत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 की बीजेपी की जीत आख़िरी है आइन्दा जो भी हुकूमत बनेगी सेक्युलर हुकूमत ही होगी।

हमारी कामयाबी के लिए हम अपने बच्चों को आला तालीम देकर उन्हें आला ओहदों पर फ़ाइज़ करें तब ही हमारी ग़ुर्बत , मजबूरी-ओ-दुसरे मसाइल हल होंगे। तालीम के ज़रीये हमें हर शोबों में मुलाज़मतें हासिल करना होगा। चंद अफ़राद बी सी , एससी, एसटी और अक़लियतों में इत्तिहाद को ख़त्म करते हुए मुल्क पर हुकूमत करने का इरादा कर रहे हैं उनके इरादों को हमें नाकाम बनाने के लिए इत्तिहाद और आला तालीम हासिल कर के ही पूरा कर सकते हैं।

ग़दर ने अपनी मख़ातबत में कहा कि बाम सीना सभी तबक़ों की तरक़्क़ी के लिए काम कर रही है। इस से हर शख़्स को जुड़ कर काम करने की ज़रूरत है। तब ही हम शरपसंदों के मक़ासिद को नाकाम बना सकते हैं। एक तबक़ा हमें तालीम , मुलाज़मत-ओ-दुसरे शोबों में नाकाम बनाकर वो ख़ुद आला तालीम हासिल करते हुए तमाम तबक़ों को कमतर बनाने की कोशिश में मसरूफ़ है। ग़दर ने अपने ख़ुसूसी अंदाज़ में गीतों के ज़रीये अवाम को मुतास्सिर किया।

इस मीटिंग में वी एल तंग भारत मुक्ती मोर्चा सदर , मौलाना ईसा मंसूरी, प्रेम कुमार के अलावा दुसरें ने भी ख़िताब क्या। इस मीटिंग मैं हज़ारों की तादाद में अवाम मौजूद थी।

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