Monday , December 11 2017

अना हज़ारे की तहरीक सयासी रिटायर्ड हाइकोर्ट जज का इन्किशाफ़

समाजी कारकुन अना हज़ारे की तहरीक सयासी रंग की है और इस का रुख अना हज़ारे को अवाम की तवज्जा का मर्कज़ बनाने के लिए कुरप्शन (रोश्वत )के ख़िलाफ़ ज़ाहिर किया गया है।

समाजी कारकुन अना हज़ारे की तहरीक सयासी रंग की है और इस का रुख अना हज़ारे को अवाम की तवज्जा का मर्कज़ बनाने के लिए कुरप्शन (रोश्वत )के ख़िलाफ़ ज़ाहिर किया गया है।

बंबई हाइकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस सुरेश हो सुबेत ने कहा के इस के बजाय(बदले मे )जाअल साज़ी के ख़िलाफ़ जद्द-ओ-जहद करने वाले कारकुन को चाहीए था कि वो रास्त सियासत में दाख़िल होजाते और कुरप्शन (रोश्वत )का सफ़ाया(कतम ) करने के लिए जद्द-ओ-जहद करते। ये इन्किशाफ़ (मालूम )उन की किताब अना हज़ारे का उरूज, एक नाक़िदाना जायज़ा में किया गया है।

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