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‘अन्ना को जान से मारना चाहते थे केजरीवाल’

नई दिल्‍ली, 19 फरवरी: बदउनवान मुखालिफ तहरीक में इख्तेलाफात की वजह से टीम अन्ना से अलग हुए स्वामी अग्निवेश ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सनसनीखेज इल्ज़ाम लगाया है। उन्होंने कहा है कि जंतर मंतर पर हुए आमरण अनशन में अरविंद केजरीवाल की इ

नई दिल्‍ली, 19 फरवरी: बदउनवान मुखालिफ तहरीक में इख्तेलाफात की वजह से टीम अन्ना से अलग हुए स्वामी अग्निवेश ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सनसनीखेज इल्ज़ाम लगाया है। उन्होंने कहा है कि जंतर मंतर पर हुए आमरण अनशन में अरविंद केजरीवाल की इच्छा थी कि अन्ना की मौत हो जाए।

एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अग्निवेश ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को लगता था कि अन्ना का बलिदान आंदोलन के लिए अच्छा रहेगा। अग्निवेश के मुताबिक, अप्रैल 2011 में जब जंतर-मंतर पर बदउनवान मुखालिफ तहरीक शुरू हुई तब वे अन्ना को अनशन (Fast unto death) पर बैठाने के खिलाफ थे।

अग्निवेश ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि अन्ना अनशन पर बैठने वाले हैं, तो उन्होंने अरविंद केजरीवाल से पूछा कि वे अन्ना जैसे बुजुर्ग को अनशन पर क्यों बैठा रहे हैं?

इस पर अरविंद ने कहा था कि अगर अनशन करते हुए अन्‍ना की कुरबानी हो जाती है तो इससे इंक्लाब आएगा। अग्निवेश के मुताबिक, केजरीवाल ने कहा था कि अन्ना अगर मर जाएंगे तो कोई बात नहीं, यह तहरीक के लिए अच्छा रहेगा।’

अग्निवेश ने बताया कि करप्शन मुखालिफ तहरीक में हुकूमत ने मुज़ाहिरीन की सभी मांगें मान ली थीं इसके बाद भी अरविंद केजरीवाल अन्ना को पांच-सात दिन और अनशन करने के लिए उकसाते रहे।

इस बाबत जब अग्निवेश ने केजरीवाल से बात की तो उन्होंने कहा कि अन्ना अनशन नहीं तोड़ेंगे, अभी पांच-सात दिन अनशन और जारी रखेंगे। अग्निवेश ने बताया कि उन्हें यह बात बहुत खराब लगी थी। उन्होंने बताया कि किरण बेदी को भी अन्ना को अनशन के लिए उकसाना बुरा लगा था।

स्वामी अग्निवेश के मुताबिक, उन्होंने इसके बाद टीम अन्ना के मेम्बर शांति भूषण और प्रशांत भूषण से बात की। वे दोनों भी इस बात से सहमत थे कि अब अन्ना को अनशन तोड़ देना चाहिए लेकिन उन्होंने अन्ना को जब इस बारे में समझाया तो वह नहीं माने। इस पर शांति भूषण अन्ना पर बरस पड़े। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनकी पोल खोल देने की धमकी दी जिसके बाद अन्ना अनशन तोड़ने पर राजी हुए।

‍‍‍‍ बशुक्रिया: अमर उजाला

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