Wednesday , June 20 2018

अपने ही बयान को दो बार पढ़ दिए शिंदे

नई दिल्ली, 15 मार्च: वज़ीर ए दाखिला सुशील कुमार शिंदे जुमेरात को लोकसभा में फिर एक चूक कर बैठे। दरअसल, शिंदे ने लोकसभा में श्रीनगर में हुए दहशतगर्दी हमले के ताल्लुक से बयान देते हुए लिखे हुए खत के एक पेज को दो बार पढ़ दिया।

नई दिल्ली, 15 मार्च: वज़ीर ए दाखिला सुशील कुमार शिंदे जुमेरात को लोकसभा में फिर एक चूक कर बैठे। दरअसल, शिंदे ने लोकसभा में श्रीनगर में हुए दहशतगर्दी हमले के ताल्लुक से बयान देते हुए लिखे हुए खत के एक पेज को दो बार पढ़ दिया।

पास बैठे वज़ीर फायनेंस. चिदंबरम ने उन्हें इसका अहसास भी कराया। इसके बावजूद उन्होंने उनके इशारे को अनसुना कर पढ़ना जारी रखा।

इस बीच कुछ बीजेपी अरकानो ने अपने जगह से खड़े होकर लोकसभा सदर मीरा कुमार का ध्यान अपनी ओर रागिब करते हुए कहा कि बयान को दोबारा पढ़ा जा रहा है। लीकॆन बेखबर शिंदे अपने बयान को दोबारा पढ़ते रहे।

इसी बीच लोकसभा के एक आफीसर उठकर उनके पास गए और उनसे कहा कि वह इसे दोबारा न पढ़ें। आफीसर ने उनका लिखा हुआ बयान ले लिया।

ऐवान में हंगामा बढ़ता देख इक्तेदार पार्टी की ओर से सफाई दी गई कि उन्होंने अपने बयान के पहले हिस्से को दोबारा इसलिए पढ़ा क्योंकि ऐवान में शोरगुल होने के वजह से मेम्बर उनके बयान को सुन नहीं पाए थे।

शिंदे से महीने भर मे यह तीसरी चूक हुई है। कुछ हफ्ते पहले शिंदे ने राज्यसभा में महाराष्ट्र के भंडारा जिले में तीन बच्चियों के साथ हुए बलात्कार और कत्ल के मामले में बयान देते हुए मुतास्सिरा बच्चियों के नामों का खुलासा कर दिया था।

इससे पहले उन्होंने दहशतगर्द हाफिज सईद को उसके नाम के आगे श्री लगाकर खिताब किया था। कुछ इसी तरह की गलती दो साल पूर्व वज़ीर ए खारेजा एसएम कृष्णा से भी हुई थी। उन्होंने वाशिंगटन में पुर्तगाली वज़ीर ए खारेजा की बयान पढ़ना शुरू कर दिए थे।

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