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अप्पोज़ीशन की ग्रुप बंदीयों से हुक्मराँ जमात को फ़ायदा?

हैदराबाद 19 नवंबर:हलक़ा लोक सभा वर्ंगल के ज़िमनी चुनाव में अवाम टी आर एस पर अपनी नाराज़गी का इज़हार कर रहे हैं, ताहम अप्पोज़ीशन जमातों के क़ाइदीन के दरमियान ग्रुप बिंदी और इख़तेलाफ़ात हुक्मराँ जमात के लिए फ़ायदामंद साबित हो रहे हैं।

कल शाम 5 बजे चुनाव मुहिम का इख़तेताम होगा, 21 नवंबर को 15 लाख से ज़ाइद राय दहनदे 23 उम्मीदवारों की क़िस्मत का फ़ैसला करेंगे और 24 नवंबर की दोपहर तक जीत हार का फ़ैसला हो जाएगीगा। वर्ंगल में चुनाव मुहिम उरूज पर है, मुक़ाबिला करने वाले उम्मीदवार और उनके हक़ में मुहिम चलाने वाले सियासी क़ाइदीन घर-घर पहुंच कर अवाम से मुलाक़ात कर रहे हैं।

हुक्मराँ टी आर एस के क़ाइदीन को अवामी नाराज़गी का सामना करना पड़ रहा है। डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर कडीम श्री हरी पर कुमरिया नामी एक किसान ने चप्पल फेंक कर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। कई मुक़ामात पर वुज़रा और टी आर एस के मुंतख़ब अवामी नुमाइंदों को अवामी ग़ज़ब का सामना करना पड़ा।

पहली मर्तबा चीफ़ मिनिस्टर तेलंगाना के चन्द्रशेखर राव‌ के सामने अवाम ने जल्सा-ए-आम में एहतेजाज करते हुए अपनी नाराज़गी का इज़हार किया। इसी तरह मुस्लिम ख़वातीन ने पोस्टर दिखाकर मुसलमानों को 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात फ़राहम करने, एम आर पी एस के कारकुनों ने एससी ज़मुरा बिंदी और आशा वर्कर्स ने इन्साफ़ का मुतालिबा किया० वर्ंगल में चुनाव मुहिम चलाने वाले वुज़रा और टी आर एस के मुंतख़ब अवामी नुमाइंदों से मुसलमानों ने मुलाक़ात करते हुए 12 फ़ीसद मुस्लिम तहफ़्फुज़ात के बारे में सिफारिश की।

इस तरह नौजवान, ख़वातीन, किसान, कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़मीन, मुस्लमान और दुसरे तबक़ात अपनी नाराज़गी का इज़हार कर रहे हैं। टी आर एस क़ाइदीन और कारकुनों में नामज़द, बोर्ड और कारपोरेशन के ओहदों पर नामज़दगी ना करने पर नाराज़गी पाई जाती है, इस के बावजूद 9 वुज़रा हलक़ा लोक सभा वर्ंगल में कैंप करके अवामी नाराज़गी दूर करने और टी आर एस के हक़ में उनकी ताईद हासिल करने में मसरूफ़ हैं।

टी आर एस क़ाइदीन हुकूमत की तमाम ख़ामीयों पर क़ाबू पाने और राय दहिंदों से मुलाक़ात करने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस क़ाइदीन के चेहरों पर बज़ाहिर मुस्कुराहट है, मगर अंदरूनी तौर पर कोई भी ज़िम्मेदारी क़बूल करने के लिए तैयार नहीं है।

 

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