Tuesday , December 12 2017

अफजल गुरु की फांसी पर सही फैसला नही लिया गया : पी चिदम्बरम

नई दिल्‍ली : कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने एक बयान दे विवाद हो गया है। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि मुझे लगता है अफजल की फांसी पर फैसला ठीक से नहीं हुआ और इस बात पर गहरा शक है कि 2001 में संसद पर हमले की साजिश में अफजल किस हद तक शामिल था। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्‍यू में चिदंबरम ने कहा है कि मुझे लगता है यह मुमुकिन था कि इस मामले पर एक ईमानदार राय रखी जाती कि अफजल पर फैसला ठीक ढंग से नहीं किया गया और संसद पर हमले में उसकी भूमिका को लेकर गहरा शक है। चिदंबरम ने यह बात उस सवाल के जवाब में कही जिसमें पूछा गया था कि क्‍या अफजल गुरु को फांसी देने के लिए कोर्ट सही नतीजा पर पहुंची थी?

सवाल के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि सरकार में होने के चलते आप ऐसा नहीं कह सकते कि अदालत ने केस को लेकर गलत फैसले लिया क्‍योंकि वो सरकार ही थी जिसने उसके खिलाफ केस लड़ा था। लेकिन, एक स्‍वतंत्र व्‍यक्ति इस पर अपनी राय रख सकता है कि केस का फैसला ठीक से नहीं हुआ। मालूम हो कि संसद हमले के आरोपी को यूपीए के कार्यकाल में तीन साल पहले फांसी दे दी गई थी। उस समय सुशील कुमार शिंदे गृह मंत्री थे। कांग्रेस नेता ने जेएनयू छात्रों के खिलाफ लगे देशद्रोह के आरोपों को लेकर कहा कि यह अपमानजक है और अदालत पहली सुनवाई में ही इन आरोपों को खारिज कर देगी। उन्‍होंने कहा कि आज़ादी से बोलना देशद्रोह नहीं है। आपकी बातें तभी देशद्रोही होती हैं जब इनसे बारूद के ढेर में आग लग जाए। उन्‍होंने आगे कहा कि जेएनयू में लगाए गए नारे देशद्रोह नहीं है। इस उम्र में छात्रों को गलत होने का हक होता है और यूनिवर्सिटी ऐसी जगह है जहां आप हमेशा गंभीर नहीं हो सकते कई बार आप हास्‍यास्‍पद भी हो सकते हैं। जब चिदंबरम को यह कहा गया कि अफजल की फांसी तभी हुई थी जब उनकी सरकार थी तो उन्‍होंने कहा कि हां यह सच है लेकिन उस समय में गृह मंत्री नहीं था, मैं नहीं कह सकता कि मैं उस समय क्‍या करता। फैसला लेना तभी संभव है जब आप कुर्सी पर बैठे हों।

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