Thursday , April 19 2018

अफराजुल के हत्यारे शंभू लाल को बचाने के लिए गंदे- गंदे हथकंडे अपना रही है मीडिया!

राजस्थान में आराजुल खान की निर्दयी हत्या को जहां इंसानियत पसंद लोग सख्त विरोध जता रहे हैं, वहीं मीडिया शर्म की साड़ी हदें तोड़कर उसे बचाने में लगी है। एक ऐसी हत्या जो धर्म के नाम पर की गई हो, वो भी दर्दनाक। आखिर कैसे मीडिया की इंसानियत मर गयी है?

विडियो में आप उस हैवान की बात सुनते देख सकते हैं कि किस तरह हत्या करने के बाद मुसलमानों पर टिप्पणी कर रहा है। अफराजुल खान राजस्थान में करीब बीस साल से मजदूरी का काम करने के लिए पश्चिम बंगाल से गया था। अपने परिवार को छोड़कर वह रोजी रोटी की तलाश में प्रदेश में मजदूरी कर रहा था।

मीडिया कभी उसके दिमागी हालत ठीक नहीं बताती हैं तो कभी लव जिहाद का नाम देकर उस हत्यारे को बचाने की कोशिश करती है। कुछ अखबारों ने तो इसे ट्रेंगूलर लव का नाम दे रही है।

अफराजुल की उम्र 50 सालों से ज्यादा थी। उसके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटीयां हैं। आखिर इस उम्र में ऐसा कैसे कर सकता है।

हिन्दुत्व का चोला पहने कुछ मीडिया इस पर बहस तक करने से गुरेज कर रही है। भारतीय समाज में इस हालात के दृश्य देखे जायेंगे, यह किसने सोचा था। अभी तक जिसने भी अफराजुल की हत्या में उस पर लव जिहाद का इल्ज़ाम लगा रहे हैं, इसके कोई तथ्य नहीं मिले हैं।

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