Tuesday , December 12 2017

अफ़्ग़ानिस्तान में मुर्दा औरत तदफ़ीन के दौरान ज़िंदा हो गई

काबुल 20 फ़रवरी ( एजेंसीज़) एक ख़ातून जिसे मुर्दा समझ कर तदफ़ीन के लिए क़ब्रिस्तान पहुंचा दिया गया था, ने क़ब्र में आँख खोल कर अपने सोगवारों को भागने पर मजबूर कर दिया।

काबुल 20 फ़रवरी ( एजेंसीज़) एक ख़ातून जिसे मुर्दा समझ कर तदफ़ीन के लिए क़ब्रिस्तान पहुंचा दिया गया था, ने क़ब्र में आँख खोल कर अपने सोगवारों को भागने पर मजबूर कर दिया।

मशरिक़ी अल-जज़ाइर के क़स्बे अल महमल में ये दिलचस्प वाक़िया पेश आया जहां एक 70 साल से ज़ाइद उम्र की ख़ातून को क़ब्र में लेटाकर इस के चेहरे से कफ़न हटा कर क़ुरआन मजीद की तिलावत शुरू की गई तो उस ने अचानक आँखें खोल कर सांस लेना शुरू कर दी।

ऐसा होना था कि वहां मौजूद बेशतर सोगवार चीख़ते चिल्लाते क़ब्रिस्तान से भाग गए ताहम एक बुज़ुर्ग शख़्स ने बड़ी मुश्किल से लोगों को इकट्ठा कर के ख़ातून को क़ब्र से निकाला और फिर घर पहुंचा दिया जहां सोगवार माहौल जश्न में बदल गया।

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