Tuesday , December 12 2017

“अबकी बार अंतिम संस्कार’ पर गिरफ्तार शख्स बेक़सूर दो दिनों की तफ़तीश के बाद पुलिस की हिरासत से रिहा

24 मई को बैंगलौर से गिरफ़्तार कर के बेलगाम के ख़ानापुर पुलिस थाना ले जाने के बाद सय्यद अहमद विक़ास बरमावर को पीर की शाम को रिहाई दे दी गई है, क्योंकि जिस एस एम एस को फारवर्ड करने का इस तालिब ए इल्म पर इल्ज़ाम लगाया गया था वो ग़लत और बेबुन

24 मई को बैंगलौर से गिरफ़्तार कर के बेलगाम के ख़ानापुर पुलिस थाना ले जाने के बाद सय्यद अहमद विक़ास बरमावर को पीर की शाम को रिहाई दे दी गई है, क्योंकि जिस एस एम एस को फारवर्ड करने का इस तालिब ए इल्म पर इल्ज़ाम लगाया गया था वो ग़लत और बेबुनियाद साबित हुआ है।

हम ने भटकल के तालिब ए इल्म विक़ास को रीलीज़ कर दिया है, इस पर कोई केस नहीं है, ये बात बेलगाम के एस पी चन्द्र गुप्ता ने बताई। साहिल ऑनलाइन से मोबाइल पर गुफ़्तगु करते हुए उन्होंने बताया कि विक़ास को हम ने अदालत में भी पेश नहीं किया हम विक़ास को सिर्फ़ पूछताछ के लिए ख़ानापुर पुलिस थाना लेकर आए थे,मगर हमें इस के मोबाइल से मुताल्लिक़ा मोदी का कार्टून किसी और को फारवर्ड करने का कोई सुबूत नहीं मिला, जिस की बिना पर हम ने उसे रीलीज़ कर दिया।

अंजुमन कॉलेज का एमबीए स्टूडेंट बैंगलौर में इंटर्नशिप कर रहा था कि अचानक 24 मई की शाम को बैंगलौर में इसके किराया के फ़्लैट पर छापा मारा गया और विक़ास समेत फ़्लैट पर मौजूद दीगर चार तलबा को भी पुलिस तफ़तीश के नाम पर बैंगलौर क्राईम ब्रांच दफ़्तर ले गई। क़रीब 20 घंटों की पूछताछ के बाद चार तलबा को रिहा कर दिया गया, मगर सय्यद अहमद विक़ास के मोबाइल पर मोदी का एक मुतनाज़ा कार्टून पाए जाने की बिना पर उसे बैंगलौर से ख़ानापुर ले जाया गया।

बैंगलौर के जवाइंट कमिशनर हेमंत निंबालकर ने एक अख़बार को बताया था कि हम ने सिर्फ़ बेलगाम पुलिस की मदद करते हुए विक़ास के फ़्लैट पर छापा मारा था और विक़ास के फ़्लैट पर मौजूद तमाम पाँच लोगों को अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ की थी, चार लोगों के मोबाइलों से कुछ बरामद नहीं हुआ, जिस की बिना पर उन्हें छोड़ दिया गया, विक़ास के मोबाइल में मोदी का मुतनाज़ा कार्टून था, जिस की बुनियाद पर हम ने विक़ास को बेलगाम पुलिस के हवाले कर दिया, क्योंकि मुताल्लिक़ा कार्टून को फारवर्ड करने के जुर्म में बेलगाम के ख़ाना पर में मुआमला दर्ज हुआ था।

अउधर टाईम्स आफ़ इंदिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ ख़ानापुर के समाजी वर्कर जयंत तनेकर ने बताया था कि उन के मोबाइल पर व्हाट्स अप के ज़रीये मोदी का एक मुतनाज़ा कार्टून मौसूल हुआ, उन्होंने भेजने वाले के नंबर पर काल किया, जैसे ही मालूम हुआ कि मैसेज भेजने वाले का ताल्लुक़ भटकल से है, तो उन्होंने फ़ौरी तौर पर नई दिल्ली में मौजूद बी जे पी लीडरान से इस मैसेज के बारे में आगाह कराया, लीडरान ने फ़ौरन सुप्रीटेंडेंट आफ़ पुलिस से राबित्ता करके शिकायत दर्ज करने की हिदायत दी, जिस की बिना पर उन्हों ने ख़ानापुर पुलिस थाना में मुआमला दर्ज कराया।

पुलिस की हिरासत से बाहर आते ही साहिल ऑनलाइन से गुफ़्तगु करते हुए विक़ास बरमावर ने बताया कि उन पर लगाया गया इल्ज़ाम बिलकुल बेबुनियाद है, क्योंकि जिस कार्टून की बात की जा रही है, वो कार्टून उन्होंने किसी को भी फारवर्ड ही नहीं किया था। विक़ास ने वज़ाहत करते हुए बताया कि व्हाट्स अप पर आम आदमी पार्टी का एक ग्रुप है, जिस में वो (यानी विक़ास) और शिकायत दर्ज करने वाला जयंत तनेकर दोनों मौजूद हैं।

24 मई की सुबह को जयंत तनेकर ने विक़ास को फ़ोन किया और कहा कि वो भी आम आदमी पार्टी का मेम्बर है,और उसे (यानी विक़ास को) एक दावतनामा भेजना है, लिहाज़ा अपना नाम और पता बताएं। विक़ास ने अपना पूरा नाम और पता उन्हें बता दिया, उसी वक़्त जयंत तनेकर ने मेरे ख़िलाफ़ ख़ानापुर पुलिस थाना पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई कि मुताल्लिक़ा मोदी का कार्टून मैंने भेजा है।और उसी शाम पुलिस ने हमारे फ़्लैट पर छापा मारा और हमें अपने साथ ले गए।

मज़ीद इस्तिफ़सार पर विक़ास ने बताया कि आम आदमी पार्टी के व्हाट्स अप ग्रुप पर किसी ने मोदी का एक कार्टून भेजा था जिस पर मोदी को अर्थी पर सुलाया गया था और इस के अतराफ़ बी जे पी लीडरान खड़े थे, कार्टून के नीचे लिखा गया था कि मोदी सरकार ।।।अंतिम संस्कार।।। ज़ाहिर बात है कि ये कार्टून ग्रुप के सभी मेम्बरान को पहुंचा, मेरे मोबाइल पर भी वो कार्टून आया और महफ़ूज़ रह गया। जयंत तनेकर ने ग्रुप में कार्टून देखने के बाद ग्रुप में सब से ऊपर वाला नंबर किसका है देखा और ये समझ लिया कि सब से अव्वल नंबर वाले ने ही कार्टून भेजा है, इस के मोबाइल के आम आदमी पार्टी के व्हाट्स ग्रुप पर मेरा नंबर सब से ऊपर था, इसलिए उस ने मुझे (विक़ास) को फ़ोन किया और मेरा नाम और पता लिया और ख़ानापुर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई।

हालाँकि वो कार्टून मैंने नहीं भेजा था। विक़ास ने मज़ीद बताया कि बेलगाम एस पी ने तमाम बातों का बग़ौर जायज़ा लेने के बाद मुझे जाने की इजाज़त दी, क्योंकि मेरे मोबाइल से मुताल्लिक़ा कार्टून किसी को भी फारवर्ड नहीं हुआ था।

साहिल ऑनलाइन से फ़ोन पर गुफ़्तगु करते हुए ख़ानापुर पुलिस ने बताया है कि व्हाट्स ग्रुप पर मोदी का कार्टून भेजने वाले की शनाख़्त हो चुकी है, और अनक़रीब ख़ानापुर पुलिस उस शख़्स को गिरफ़्तार करेगी।

ख़्याल रहे कि भटकल के पाँच तलबा को हिरासत में लिए जाने की ख़बर हिंदूस्तान के तमाम मीडीया में शाय हुई , टाईम्स आफ़ इंडिया और दी हिंदू ने इस ख़बर को फ्रंट सफ़ा पर शाय किया था जिस की बिना पर ये मुआमला काफ़ी ऊपर तक पहुंच गया। इस इत्तिला पर भटकल के मुसलमानों में तशवीश की लहर दौड़ गई थी और बिलख़सूस इस वाक़िया पर भटकल के तलबा में सख़्त नाराज़गी पाई जा रही थी।

उनकी रिहाई के लिए एक तरफ़ बैंगलौर और भटकल की ए पी सी आर निहायत सरगर्म हो गई और बैंगलौर समेत ख़ानापुर में वुकला का इंतिज़ाम किया हैं मजलिस इस्लाह-ओ-तंज़ीम भटकल की जानिब से भी उन की रिहाई के लिए मुसलसल कोशिशें जारी थी।बिलआख़िर इन इदारों की कोशिशों से सभी तलबा रिहा हो गए ,,जिस पर तलबा के वालदैन ने सभी का शुक्रिया अदा किया है।

ख़ानापुर से विक़ास बरमावर भटकल ए पी सी आर और तंज़ीम के ज़िम्मेदारों के साथ अब भटकल के लिए रवाना हो चुका है |

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