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अबू जुंदाल की ज़हनी जांच कराने के हुक्म

नई दिल्ली, 07 मार्च: मुंबई की मकोका कोर्ट ने 26/11 हमले के अहम मुल्ज़िम अबू जुंदाल की ज़हनी जांच कराने के हुक्म दिए हैं। ऑर्थर रोड जेल में बंद जुंदाल ने कोर्ट में दरखास्त दाखिल कर कहा था कि उसके ख्वाब में आमिर अजमल कसाब आकर उसे डराता है।

नई दिल्ली, 07 मार्च: मुंबई की मकोका कोर्ट ने 26/11 हमले के अहम मुल्ज़िम अबू जुंदाल की ज़हनी जांच कराने के हुक्म दिए हैं। ऑर्थर रोड जेल में बंद जुंदाल ने कोर्ट में दरखास्त दाखिल कर कहा था कि उसके ख्वाब में आमिर अजमल कसाब आकर उसे डराता है।

हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक यह Hallucination (हलूसिनेशन) की हालात है, जिसमें शख्श को किसी बात को लेकर यह गलत फहमी (भ्रम) हो जाती है, कि उसे कोई खास सख्श या चीज दिखाई दे रही है।

इस बीमारी को ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ फिल्म में भी दिखाया गया था, जिसमें संजय दत्त को महात्मा गांधी दिखाई देते हैं। उस फिल्म में इस पेरशानी को ‘केमिकल लोचा’ नाम दिया गया था।

मुंबई की आर्थर रोड जेल में आमिर अजमल कसाब के लिए खास सेल बनाया गया था। कसाब को फांसी दिए जाने के बाद से खाली हुए सेल में अब अबू जुंदाल को रखा गया है।

अबू जुंदाल ने अदालत में दाखिल दरखास्त में कहा था कि कसाब उसे सोने नहीं देता। वह उसके सपने में आता है और परेशान करता है।

उसने बताया कि जब उसे सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया तो उस वक्त वह ज़हनी तौर पर परेशान था और तिहाड़ जेल में भी उसका इलाज चल रहा था।

अब मुंबई में उसके सपने में कसाब आ रहा है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए आर्थर रोड जेल इंतेज़ामिया को कहा है कि 15 मार्च से पहले टेस्ट करवाकर जुंदाल की मेडिकल रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाए।

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