Monday , December 18 2017

अब्दुल क़दीर की पेरोल पर रिहाई का ख़ैर मक़दम

प्रदेश कांग्रेस के जनरल सैक्रेटरी आबिद रसूल ख़ां ने हुकूमत की जानिब से साबिक़ (भुत पूर्व) कांस्टेबल अब्दुल क़दीर की एक हफ़्ता के लिए पेरोल पर रिहाई का ख़ौर मक़दम करते हुए कहा कि एक हफ़्ता क़बल वो, कांग्रेस तर्जुमान फ़िरोज़ ख़ां,

प्रदेश कांग्रेस के जनरल सैक्रेटरी आबिद रसूल ख़ां ने हुकूमत की जानिब से साबिक़ (भुत पूर्व) कांस्टेबल अब्दुल क़दीर की एक हफ़्ता के लिए पेरोल पर रिहाई का ख़ौर मक़दम करते हुए कहा कि एक हफ़्ता क़बल वो, कांग्रेस तर्जुमान फ़िरोज़ ख़ां,अब्दुल क़दीर की अहलिया और उन के फ़र्ज़ंद ने चीफ़ मिनिस्टर से मुलाक़ात करते हुए जेल में 22 साल गुज़ारने वाले अब्दुल क़दीर की रिहाई की अपील की थी।

चीफ़ मिनिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी ने इस मसला पर हमदर्दाना ग़ौर करने का तैक़ुन दिया। ताहम ईद के पेशे नज़र हुकूमत ने फ़िलहाल एक हफ़्ता के लिए अब्दुल क़दीर को रिहा करने के अहकामात (नोटिस) जारी किए हैं। पेरोल ख़त्म होने से क़बल इस में मज़ीद तौसीअ और साथ ही उन की जेल से मुस्तक़िल रिहाई के लिए चीफ़ मिनिस्टर पर दबाव डाला जाएगा।

वाज़िह रहे कि अब्दुल क़दीर को उम्र क़ैद की सज़ा हुई थी, लेकिन वो अपनी सज़ा से छः साल ज़ाइद जेल में गुज़ार चुके हैं। अब्दुल क़दीर की इंसानी हमदर्दी की बुनियाद पर रिहाई ज़रूरी है। पहले तो वो उम्रकैद की सज़ा मुकम्मल कर चुके हैं, दूसरे ये कि वो सख़्त बीमार हैं, उन्हें ईलाज की सख़्त ज़रूरत है।

TOPPOPULARRECENT