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अब्दुल क़दीर की हालत इंतिहाई काबिल-ए-रहम

हैदराबाद ।१८ मई ( सियासत न्यूज़) सज़ाए उम्र क़ैद का सामना कररहे अलील साबिक़कांस्टेबल अबदुलक़दीर की हालत इंतिहाई काबिल-ए-रहम होचुकी है । सयासी क़ाइदीन बिलख़सूस मुस्लमानों को उन की रिहाई के लिए आगे आना चाहिए । सयासी क़ाइदीन ख़ौफ़ज

हैदराबाद ।१८ मई ( सियासत न्यूज़) सज़ाए उम्र क़ैद का सामना कररहे अलील साबिक़कांस्टेबल अबदुलक़दीर की हालत इंतिहाई काबिल-ए-रहम होचुकी है । सयासी क़ाइदीन बिलख़सूस मुस्लमानों को उन की रिहाई के लिए आगे आना चाहिए । सयासी क़ाइदीन ख़ौफ़ज़दा हुए बगै़र अब्दुलक़दीर की रिहाई और उन की बेहतर तिब्बी निगह दाशत के लिए नुमाइंदगी करें । जनाब उसमान बिन मुहम्मद अलहाजरी ने बताया कि गांधी हॉस्पिटल में ज़ेर-ए-इलाज अब्दुलक़दीर की हालत मासूम बच्चे की तरह होचुकी है जो पैर के दर्द की शिद्दत से बुलक कर रो रहे हैं ।

गेंग्रीन के सबब उन के पैर में दो बड़े सूराख़ पड़ चुके हैं और पैर बिलकुल्लिया तौर पर काला हो चुका है । डाक्टर के बमूजब अगर ईलाज मुम्किनना हुआ तो अब्दुलक़दीर का पैर काटने की नौबत आ सकती है ।

जनाब उसमान बिन मुहम्मद अलहाजरी ने बताया कि अब्दुलक़दीर के पैर को कटने से बचाने ज़रूरी हीका उन्हें किसी कॉरपोरेट हॉस्पिटल मुंतक़िल करके ईलाज करवाया जाय ताकि अब्दुलक़दीर की जान को लाहक़ ख़तरा टाला जा सके ।

उन्हों ने मुस्लिम क़ियादत से इस्तिफ़सार किया कि आख़िर क्यों वो अब्दुलक़दीर की रिहाई के लिए हुकूमत से नुमाइंदगी नहीं करते ? जनाब उसमान बिन मुहम्मद अलहाजरी ने बताया कि अगर क़ाइदीन को इस बात का ख़ौफ़ है कि अब्दुलक़दीर उन के मद्द-ए-मुक़ाबिल खड़ा हो जाएगा तो वो इस ख़ौफ़ से बे परवाह हो जाए क्योंकि जिस शख़्स के 22 साल क़ैद-ओ-बंद की साइबत काटते हुए गुज़र गए वो ये इक़दाम नहीं कर सकता ।

उन्हों ने उल्मा और बिलख़सूस दर्दमंद एन-ए-मिल्लत से अपील की कि वो अब्दुलक़दीर की रिहाई के लिए आगे आएं और सयासी क़ाइदीन पर अपने असर-ओ-रसूख़ का इस्तिमाल करके उन्हें मजबूर करें कि वो अब्दुलक़दीर की रिहाई के लिए हुकूमत से नुमाइंदगी करें ताकि वो अपनी माबाक़ी ज़िंदगी अहल-ओ-अयाल के साथ गुज़ार सकीं । मुस्लमानों को चाहिए कि वो अब्दुलक़दीर की रिहाई के लिए दुआएं करें ।

जनाब उसमान बिन मुहम्मद अलहाजरी ने बताया कि अगर हुकूमत अब्दुलक़दीर का कॉरपोरेट हॉस्पिटल में ईलाज करवाने तैय्यार नहीं है तो ऐसी सूरत में कई दर्दमंद इन मिल्लत हैं जो इन काईलाज करवाने तैय्यार हैं । हुकूमत को चाहिए कि कम अज़ कम कॉरपोरेट हॉस्पिटल मेंईलाज करवाने की इजाज़त दे ताकि उन के पैर को काटने से बचाया जा सकी।

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