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अब आईटीआई में प्रतियोगिता परीक्षा नहीं होगा, मैट्रिक के अंकों के आधार पर होगा दाखिला

पटना. राज्य में मान्यता प्राप्त सभी सरकारी व गैर सरकारी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूटं (आइटीआइ) में एडमिशन के लिए अब एंट्रेंस टेस्ट आयोजित नहीं की जाएगी। अब इनमें सीधे दाखिला एकेडमिक अंकों के आधार पर मेरिट के अनुसार होगा। प्रतियोगिता परीक्षा के बदले मैट्रिक में अधिकतम अंकों के आधार पर दाखिला होगा। सभी सरकारी आईटीआई में 2018 से यह व्यवस्था लागू होगी। श्रम संसाधन विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। राज्य के अधिकांश आईटीआई में विभिन्न ट्रेडों में सीट खाली रह जाने से ऐसा प्रावधान किया जा रहा है, ताकि वैसे छात्र यहां नामांकन ले सकेंगे जिन्हें इस प्रशिक्षण में रुचि है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सीएम सचिवालय संवाद में समीक्षा के दौरान आईटीआई में नामांकन से लेकर इनके प्रशिक्षक बहाली तक के कई निर्देश दिए। आईटीआई पास छात्रों को रोजगार के लिए जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा। विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने नियोजन व प्रशिक्षण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को सीएम के समक्ष रखा। पिछले तीन वर्षों से आईटीआई में अंकों के आधार पर नामांकन के प्रयास किए जा रहे थे। इंस्ट्रक्टर की बहाली की नई नियमावली तय कर ली गई है। 1278 इंस्ट्रक्टर की बहाली के लिए बीएसएससी ने आवेदन भी लिया है।

सीएम ने कहा कि महिला आईटीआई में छात्रावास, बाउंड्री, शौचालय, मेस की व्यवस्था निश्चित रूप से हो। उन्होंने हर जिले में खुलने वाले आईटीआई की प्रगति के बारे में भी निर्देश दिए। श्रम संसाधन मंत्री विजय सिन्हा ने भी अपने सुझाव दिए। आईटीआई प्रशिक्षक की बहाली, इंप्लायमेंट एक्सचेंज, कैरियर कन्सल्टेंसी की आउटसोर्सिंग, प्राइवेट पार्टनरशिप के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। एग्रीकल्चर इक्युपमेंट, कंज्यूमर गुड्स वाले टेक्नोलॉजी के माध्यम से आईटीआई उत्तीर्ण छात्रों को रोजगार देने पर चर्चा हुई।

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