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अब इंसाफ मिलेगा तो नक्सलियों के यहां ही : ध्रुव भगत

रांची 4 जून : सीबीआई की खुसूसी अदालत ने चारा घोटाले में पीर के दिन दस मुलजिमान को सजा सुनाई। इनमें साबिक़ राजद मेबर पार्लियामेंट आरके राणा और बिहार असेंबली की लोकलेखा कमेटी (पीएसी) के मौजूदा चेयरमैन ध्रुव भगत भी शामिल हैं। फैसला सु

रांची 4 जून : सीबीआई की खुसूसी अदालत ने चारा घोटाले में पीर के दिन दस मुलजिमान को सजा सुनाई। इनमें साबिक़ राजद मेबर पार्लियामेंट आरके राणा और बिहार असेंबली की लोकलेखा कमेटी (पीएसी) के मौजूदा चेयरमैन ध्रुव भगत भी शामिल हैं। फैसला सुनने के बाद अदालत से बाहर आते ही ध्रुव भगत भड़क गए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘अब इंसाफ मिलेगा तो नक्सलियों के यहां ही मिलेगा। नक्सली इससे बढ़िया इंसाफ देंगे।

यहां जम्हूरियत खत्म हो गया है। आम पब्लिक आखिर कैसे यकीन करेगा। ये हमको समझ में नहीं आ रहा है। 35 लाख की इन्खेला के मामले में इतना बड़ा सजा दिया गया। जहां करोड़ों रुपया निकाल लिया गया, वहां इससे कम सजा। अब अदालत को इस पर गौर करना चाहिए और हम क्या बोलें। ये हाल रहा, तो लोग नक्सलियों के पास जाएंगे, वहीं इंसाफ मिलेगा।

क्या आप इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में जाएंगे। यह पूछे जाने पर भगत ने कहा कि फितरी है। ऊपर की अदालत में जाएंगे ही। ऐसा फैसला तो हमने अपने 64 साल की उम्र में कभी नहीं सुना।’

गलत है ऐसा बयान

“ध्रुव भगत ने मायूसी में अदालत के खिलाफ तब्सिरह की है। अदालत की अपनी इज्ज़त है। उसके हुक्म पर तब्सिरह करना तौहीन का मामला बनता है। मुल्क के लोगों को अदालती काम पर मुकम्मिल एतमाद है। ध्रुव भगत ने अपने खिलाफ फैसला आने पर ऐसा बयान दिया है, जो गलत है।”
राजीव कुमार, अधिवक्ता झारखंड हाईकोर्ट

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