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अब एक हफ्ते में होगा नक्शे का निबटारा

रांची 26 जून : रांची म्युन्सिपल कॉर्पोरेशन से नक्शा पास कराने के लिए अब बाबुओं के पास दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी नक्शे का निबटारा अब एक हफ्ताह में किया जा सकेगा। म्युन्सिपल कॉर्पोरेशन ऐसा सॉफ्टवेयर खरीदने जा रहा है, जिसकी मदद से मिनटो

रांची 26 जून : रांची म्युन्सिपल कॉर्पोरेशन से नक्शा पास कराने के लिए अब बाबुओं के पास दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी नक्शे का निबटारा अब एक हफ्ताह में किया जा सकेगा। म्युन्सिपल कॉर्पोरेशन ऐसा सॉफ्टवेयर खरीदने जा रहा है, जिसकी मदद से मिनटों में यह पता चल जायेगा कि जमा किया गया नक्शा पास होने के काबिल है या नहीं। सीइओ दीपंकर पंडा ने सॉफ्टवेयर की खरीदारी के लिए शहर अजाफे शाख को बेला ताखीर टेंडर निकालने का हुक्म दिया है।

अभी यह है अमल

दरख्वास्त गुजार अपने ईमारत का नक्शा म्युन्सिपल कॉर्पोरेशन में जमा करते हैं। एक माह बाद इंजीनियर मजुजह मुकाम की जांच करते हैं। जेइ-एइ, टाउन प्लानर की टेबुल से होते हुए यह नक्शा डिप्टी सीइओ व सीइओ के पास जाता है। लंबी अमल होने की वजह नक्शे को छह माह से लेकर एक साल तक लग जाते हैं। कई नक्शे दो-दो साल तक धूल फांकते रहते हैं।

ऐसे काम करेगा सॉफ्टवेयर

यह सॉफ्टवेयर ऑटो डीसीआर सिस्टम से काम करेगा। इसके तहत दरख्वास्त गुजार अपना नक्शा सॉफ्ट कॉपी में कॉर्पोरेशन में जमा करेगा।

इसके बाद कंप्यूटर में लगा सॉफ्टवेयर नक्शे की जांच कर मिनटों में यह बता देगा कि यह नक्शा पास होने योग्य है या नहीं। यह सॉफ्टवेयर इमारतों के रकबा के हिसाब से यह भी बतायेगा कि मजुजाह नक्शे में कितना फ्रंट सेट बैक व साइड सेट बैक छोड़ा जाना चाहिए।

पहले भी निकला था टेंडर

रांची म्युन्सिपल कॉर्पोरेशन के अफसरों ने यह सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए तीन साल पहले भी टेंडर निकाला था। टेंडर में पुणे की सॉफ्टटेक कंपनी एल वन एलान की गयी थी, पर सरकारी अफसरों की लापरवाही और लातलकी की वजह सॉफ्टवेयर खरीदा नहीं जा सका। इससे यह मंसूबा अधर में लटक गयी थी

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