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अब जम्मू यूनिवर्सिटी पर मुल्क मुखालिफ कांफ्रेंस का इल्ज़ाम

श्रीनगर – जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी का तानाज़ा मुल्क में पुरे उफान पे है जम्मू यूनिवर्सिटी में भी ताज़ा मामला हुआ है यूनिवर्सिटी के पोलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट पे इल्जाम लगा है कि डिपार्टमेंट ने भारत मुखालिफ और पाकिस्तान हिमायत वाली कांफ्रेंस के लिए मंजूरी दी है .

यूनिवर्सिटी में तनाज़े की शुरुआत हिन्दू तंजीम जम्मू मुक्ति मोर्चा ने प्रेस कांफ्रेंस करके इल्जाम लगाया कि यूनिवर्सिटी स्टाफ़ और जर्नलिस्ट ने 18 फ़रवरी को मुल्क मुखालिफ कांफ्रेंस “Pluralism in Jammu and Kashmir: Crisis and Way Forward” में हिस्सा लिया .

तंजीम का इल्जाम था कि कांफ्रेंस एक एनजीओ , यूनिवर्सिटी पोलिटिकल डिपार्टमेंट और अकादमिक के डीन ने मिलकर आयोजित किया था .

कांफ्रेंस में प्रोफ़ेसर राधा कुमार ,प्रेम शंकर झा ,प्रोफ सिद्दीक़ वाहिद ,प्रोफ़ेसर मोहम्मद वाणी ,नंदिनी भट्टाचार्य,डाक्टर जावेद राही और टाइम्सनाउ के प्रदीप दुत्ता ने हिस्सा लिया था .

हिन्दू तंजीम जम्मू मुक्ति मोर्चा की प्रेस कांफ्रेंस के बाद वीसी प्रोफ़ेसर आर डी शर्मा ने पोलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के हेड प्रोफ़ेसर ताजुद्दीन से कांफ्रेंस की अनुमति देने पे ज़वाब तलब किया था

यूनिवर्सिटी सोर्सेस का कहना है वीसी हिन्दू तंजीम के दवाब में है जम्मू मुक्ति मोर्चा की प्रेस कांफ्रेंस में jmm के चीफ रह चुके प्रोफ़ेसर वरिंदर गुप्ता जोकि भाजपा के लीडर है ने भी एलज़ाम लगाये .

जम्मू मुक्ति मोर्चा आरएसएस से जुड़ी हुयीं तंजीम है यूनिवर्सिटी के कुछ टीचर्स और इन्तेहपसंद हिन्दू ग्रुप ने गवर्नर एनएन वोहरा से मुलाक़ात की है जिसमे उन्होंने कांफ्रेंस करने की इज़ाज़त देने वाले प्रोफेस्सर ताजुद्दीन के ख़िलाफ़ कार्यवाही की मांग की है

जम्मू यूनिवर्सिटी के वीसी प्रोफ़ेसर आर डी शर्मा ने कहा है कि मामला ख़त्म हो चुका है उन्होंने कहा “कुछ लोगो ने कांफ्रेंस से पहले और बाद में मुलाक़ात की है वो लोग यूनिवर्सिटी में कांफ्रेंस कराना चाहते थे लेकिन कांफ्रेंस में कुछ ऐसे लोग भी आयें जिनके वजह से कांफ्रेंस में अनचाहा मसला हुआ ”

शर्मा ने कहा कि उन्होंने पोलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के हेड ताजुद्दीन से जवाब माँगा था जिसमे उन्होंने कहा कुछ लोग यूनिवर्सिटी को बदनाम कर रहे है पोलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट पे नीयत का सवाल खड़ा करना गलत है कांफ्रेंस में मुल्क मुखालिफ कुछ नही हुआ था कुछ ऐसे लोग ज़रूर कांफ्रेंस में आये जिनका इतिहास सही नही था .इसके अलावा कांफ्रेंस में मुल्क के ख़िलाफ़ कुछ नही कहा गया

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