Tuesday , December 12 2017

अब मरीजों को नहीं कराना होगा लीवर ट्रांसप्लांट, स्टेम सेल से होगा इलाज

रांची मेन रोड के रहने वाले एस.

रांची मेन रोड के रहने वाले एस. कुमार लीवर सिरोसिस से मुतासीर थे। हर हफ्ते उनके पेट से दो लीटर पानी निकाला जाता था। हिमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स काफी कम हो चुका था। मुंबई और दिल्ली भी गए इलाज कराने, वहां उन्हें लीवर ट्रांसप्लांट के लिए कहा गया। लेकिन रांची में ही गुरुनानक हॉस्पीटल में स्टेम सेल थेरेपी से इलाज के बाद अब नॉर्मल लाइफ जी रहे हैं। गुरुनानक अस्पताल के डॉ. दीपक वर्मा ने बोनमैरो से स्टेम सेल निकाल कर उनका इलाज किया।
सबसे बड़ी बात की यह रांची में काफी कम कीमत पर दस्तयाब है। अलग-अलग बीमारियों के मुताबिक यहां 75 हजार से तीन लाख रुपए में इलाज किया जा रहा है। अगर यही इलाज दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरू में कराने जाएं तो कम से कम इससे चार गुना यानी तीन से 10 लाख तक खर्च आएगा। इस वजह से रांची में इलाज होना ही बड़ी राहत देनेवाली बात है।

अभी रांची में स्टेम सेल प्रोसेसिंग के लिए लैब की निजाम नहीं है। इसके लिए बड़े इंवेंस्टमेंट की जरूरत है। इसलिए यहां से मरीज के बोन मैरो से स्टेम सेल निकालकर मुंबई में रीलैब्स भेजी जाती है। फिर वहां से प्रोसेसिंग होकर वापस आती है। इसके बाद मरीज का उससे इलाज होता है।

इन रोगों का इलाज मुमकिन

स्पाइनल कॉर्ड इंज्युरी, मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी, हार्ट फेल्योर, लकवा, स्ट्रोक, आस्टियो आर्थराइटिस, ऑटिज्म, लीवर सिरोसिस, मधुमेह, गंजापन, सेरेब्रल पाल्सी, क्रोनिक किडनी डिजीज, गुटखा खाने से हुए सबम्यूकोसल फाइब्रोसिस, इंटरस्टिशीयल लंग डिजीज वगैरह का इलाज स्टेम सेल थेरेपी से अब रांची में ही होने लगा है।

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