Saturday , December 16 2017

अमरीका में मुंबई दहशतगर्द हमलों की बरसी

हिन्दुस्तानी नज़ाद अमरीका और यहूदी अमरिकी शहरी जो 26 नवंबर के मुंबई दहशतगर्द हमलों में हलाक होगए थे, न्यूयार्क में आज उनकी बरसी मनाई गई और मुतालिबा किया गया कि क़त्ल-ए-आम के ख़ातियों को इंसाफ़ के कटहरे में खड़ा किया जाये।

हिन्दुस्तानी नज़ाद अमरीका और यहूदी अमरिकी शहरी जो 26 नवंबर के मुंबई दहशतगर्द हमलों में हलाक होगए थे, न्यूयार्क में आज उनकी बरसी मनाई गई और मुतालिबा किया गया कि क़त्ल-ए-आम के ख़ातियों को इंसाफ़ के कटहरे में खड़ा किया जाये।

हमलों की पांचवीं बरसी का एहतिमाम अमरीका-हिंद उमोर आम्मा कमेटी और अमरिकी यहूदी कमेटी बराए एशयाए कोचक ने किया था। बरसी में जिन अफ़राद ने शिरकत की, उन्होंने एक मिनट की ख़ामोशी मनाई और मुंबई हमलों में 10 अस्करीयत पसंदों के हलाक होने वाले अफ़राद को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करने के लिए 12 मोमबत्तियां जलाएं।

नवंबर 2008 के इस हमले में 166 अफ़राद हलाक और दीगर कई ज़ख़मी हो गए थे। महलोकीन में कई ग़ैरमुल्की शहरी बिशमोल यहूदी रब्बी गीवरील नूह हौलटज़ बर्ग और शाह बाद में मुक़ीम उनकी बीवी रियो का भी शामिल थीं, हिन्दुस्तानी काउंस‌ल जनरल और अमरिका के लिए हिन्दुस्तान के सफ़ीर धयानीशोर मूल्य ने दहशतगर्दी की तमाम नौईयतों की मज़म्मत की और कहा कि इस लानत का कोई मज़हब , ज़ात पात या क़ौमीयत नहीं है।

उन्होंने कहा कि दुनिया को 21 वीं सदी का तोहफ़ा दहशतगर्दी है लेकिन अब वक़्त आगया है कि हम सब मुत्तहिद होकर ज़्यादा ताक़त से और अज़म वासिक़ के ज़रीये इस लानत का मुक़ाबला करें ताकि आइन्दा नसलों को दहशतगर्दी के लफ़्ज़ से वाक़फ़ीयत ही ना रहे। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान बरसों से दहशतगर्दी का शिकार है और 11 सेप्टम्बर के हमलों से पहले दुनिया ने हिन्दुस्तान की जानिब से बैन-उल-अक़वामी प्लेटफ़ार्मो पर दहशतगर्दी की फ़रोग़ पज़ीर लानत के बारे में इंतिबाह पर तवज्जु नहीं दी थी।

उन्होंने कहा कि हमें इन वाक़ियात से सबक़ सीखने की ज़रूरत है और अवाम को हरमुमकिन कोशिश करनी चाहिए ताकि दहशतगर्दी को फ़रोग़ देने वाली और उन्हें महफ़ूज़ पनाहगाह फ़राहम करनेवाली ताक़तों का भी मुक़ाबला किया जा सके ताकि हमारी आइन्दा नसलों के ज़ख़ीरा-ए-अलफ़ाज़ में दहशतगर्दी का लफ़्ज़ मौजूद ना हो।

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