Monday , December 18 2017

अमर सिंह और जया पर्दा की आर एलडी में शामिल‌

समाजवादी पार्टी से ख़ारिज किए गए लीडर अमर सिंह और जया पर्दा ने बिलआख़िर तमाम क़ियास आराईयों का ख़ातमा करते हुए आज अजीत सिंह की क़ियादत वाली राष्ट्रीय लोक दल (RLD) में शामिल होगइ, जबकि लोक सभा इंतिख़ाबात के लिए अब ज़्यादा वक़्त बाक़ी नहीं है।

समाजवादी पार्टी से ख़ारिज किए गए लीडर अमर सिंह और जया पर्दा ने बिलआख़िर तमाम क़ियास आराईयों का ख़ातमा करते हुए आज अजीत सिंह की क़ियादत वाली राष्ट्रीय लोक दल (RLD) में शामिल होगइ, जबकि लोक सभा इंतिख़ाबात के लिए अब ज़्यादा वक़्त बाक़ी नहीं है।

कहा जा रहा है कि अमर सिंह फ़तह पूर से और जया पर्दा बिजनौर से आर एलडी के टिकट पर अपनी क़िसमत आज़माई करेंगे। इस मौके पर आर एलडी सरबराह अजीत सिंह की रिहायश गाह-ओ-दफ़्तर में एक प्रेस कान्फ़्रेंस से ख़िताब करते हुए अमर सिंह ने कहा कि वो इंतिख़ाबी सियासत के लिए आर एलडी में शामिल नहीं होरहे हैं।

उन्हों ने कहा कि जया पर्दा के साथ उन्होंने यू पी के मशरिक़ी इलाक़ों में 100 किलो मीटर की पदयात्रा की है हालाँकि उनके दोनों गुर्दे जवाब दे चुके हैं। मुझे ये एहसास हुआ कि यू पी की तरक़्क़ी उस वक़्त तक मुम्किन नहीं है जब तक रियासत को तक़सीम ना कर दिया जाये। अजीत सिंह ने हमेशा हुर्रियत प्रदेश की तश्कील पर ज़ोर दिया है जो एक इंतिहाई अहम मांग‌ है।

उन्होंने अजीत सिंह की तारीफ‌ करते हुए कहा कि हुर्रियत प्रदेश, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के नाम से जिन नई रियासतों की तश्कील का मुतालिबा अजीत सिंह ने जिस वज़ाहत से किया है वो खूबियां किसी दीगर बड़ी पार्टीयों के क़ाइदीन में नहीं हैं। दूसरी तरफ़ अदाकारा से सियासतदां बनने वाली जया पर्दा ने भी अजीत सिंह की तारीफ़ में ज़मीन आसमान के कुलाबे मिला दीए और कहा कि अजीत सिंह ने हमेशा उनके साथ तआवुन किया और वो ख़ुद भी अमर सिंह के साथ आर एलडी को मज़ीद मजबूत‌ बनाने में कोई कसर उठा ना रखेंगी।

हमारी बी जे पी या नरेंद्र मोदी से कोई शख़्सी लड़ाई नहीं है। राजनाथ सिंह भी मेरे अच्छे दोस्त हैं। सियासत में सिर्फ़ नज़रियाती इख़तिलाफ़ होता है। क्या ये कोई गैंगवार है? ये बात अमर सिंह ने उस वक़्त कही जब उन से पूछा गया कि उन्हों ने नरेंद्र मोदी की मुख़ालिफ़त करनेवाली पार्टी में शमूलियत क्यों इख़तियार की जबकि नरेंद्र मोदी की लहर से इंकार नहीं किया जा सकता।

याद रहे कि जया पर्दा जो रामपूर लोक सभा नशिस्त से एम पी हैं। उन्हें समाजवादी पार्टी में लाने वाले अमर सिंह थे। वो उस वक़्त पार्टी के जनरल सेक्रेटरी थे और मुलाय‌म सिंह के क़रीबी रफ़ीक़ माने जाते थे। जया पर्दा और आज़म ख़ान के दरमयान भी सियासी कशीदगी थीं। इसके बावजूद भी रामपूर लोक सभा नशिस्त पर जया पर्दा को कामयाबी हासिल हुई थी।

बा रसूख समझे जाने वाले मुस्लिम लीडर आज़म ख़ान ने 2009 में समाजवादी पार्टी से अपना नाता तोड़ लिया था। वो कल्याण सिंह के साथ पार्टी के इत्तिहाद और रामपूर से जया पर्दा को टिकट दिए जाने के सख़्त मुख़ालिफ़ थे।

TOPPOPULARRECENT