Monday , December 18 2017

अमित शाह के शिवसेना के लिए चूहा रिमार्क पर पार्टी वर्कर्स बरहम

महाराष्ट्र में तन्हा वाज़िह अक्सरियत से कामयाब हो कर दिखाएंगे: शिवसेना

महाराष्ट्र में तन्हा वाज़िह अक्सरियत से कामयाब हो कर दिखाएंगे: शिवसेना

शिवसेना लीडर और महाराष्ट्र के साबिक़ वज़ीर शशी कांत सूत्र ने कहा कि बी जे पी ने जिस तरह लफ़्ज़ चूहा का इस्तेमाल करते हुए शिव सुना का मुज़हका उड़ाने की कोशिश की है इस ने शिव‌ सैनिकों को हद से ज़्यादा मुश्तइल करदिया है और अब वो अपनी मुहिम चलाने में जुनून की हद तक मसरूफ़ होगए हैं ताकि 15 अक्टूबर को मुनाक़िद शुदणी इंतेख़ाबात में पार्टी को वाज़िह अक्सरियत हासिल होसके।

याद रहे कि गुज़िशता हफ़्ते सदर बी जे पी अमित‌ शाह ने औरंगाबाद में एक सियासी रैली से ख़िताब करते हुए बी जे पी की साबिक़ हलीफ़ जमात को चूहा कहा था। शशी कांत सूत्र ने कहा कि इस तरह के रिमार्क से यक़ीनन शिवसेना की जानिब से भी शदीद रद्द-ए-अमल होगा। हमारे कैडरस ( शिव‌ सैनिकों ) ने अमित शाह के रिमार्क को संजीदगी से लिया है और उन पर ( शाह ) बेहद चिराग़-ए-पा हैं और रिमार्क को दरअसल पार्टी के लिये बतौर चैलेंज क़बूल करलिया है और अब शिवसेना तन्हा मुक़ाबला करते हुए वाज़िह अक्सरियत से कामयाबी हासिल कर के बी जे पी को मुंहतोड़ जवाब देगी।

महारशटरा में उस वक़्त इंतेख़ाबी मुहिम्मात आख़िरी मराहिल में हैं। अख़बारी नुमाइंदों से बात करते हुए मिस्टर सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र के अवाम को शिवसेना को ही वोट देना चाहिए क्यों कि इस पार्टी का भगवान , क़ौम और मज़हब पर एकान् है और साथ साथ पार्टी सरबराह उद्धव ठाकरे को रियासत का चीफ मिनिस्टर बनाना भी अवाम के हाथों में है और उन के ( ठाकरे ) ख़ाबों को शर्मिंदा ताबीर करना भी अवाम के हाथों में है।

हम वज़ीर आज़म नरेंद्र मोदी का बेहद एहतेराम करते हैं और तवक़्क़ो करते हैं कि वो मुल्क को एक मज़बूत क़ियादत फ़राहम करेंगे। लेकिन जहां तक रियासत महाराष्ट्र का सवाल है तो उसकी बागडोर उद्धव ठाकरे को सौंपी जानी चाहिए । युवा सेना सरबराह और आँजहानी बाल ठाकरे के पोते आदित्य ठाकरे ने गुज़शता शब एक इंतेख़ाबी रैली से ख़िताब करते हुए कहा कि ये कितनी अजीब बात है कि एक तरफ़ बी जे पी नौजवानों को मुल्क‌ के मुस्तक़बिल से ताबीर करती है लेकिन दूसरी तरफ़ बी जे पी क़ियादत के साथ जब शिवसेना ने नशिस्तों की तक़सीम पर बात चीत के लिये उन्हें ( आदित्य ) भी शामिल किया तो बी जे पी ने इस पर एतराज़ किया।

आदित्य ने कहा कि उनकी उम्र सिर्फ़ 24 साल है और हक़ राय दही से इस्तिफ़ादा की उम्र 18 साल है लिहाज़ा नशिस्तों की तक़सीम के लिये उन की शमूलीयत किया कोई जुर्म था ? ।

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