Wednesday , April 25 2018

अमित शाह को चित्रदुर्ग मठ के महंत ने दिया झटका, कहा-लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देना सही फ़ैसला

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा जहां लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने पर सहमति जताई गई है तो वहीं बीजेपी ने इसे हिंदू समाज को बांटने का प्रयास बताया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद लिंगायत पर सिद्धारमैया सरकार की ओर से लिए गए फैसले को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। वहीं अब चित्रदुर्ग मठ के महंत ने लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने के राज्य सरकार के फैसले पर शाह को पत्र लिखकर सिद्धारमैया की तारीफ की है।

चित्रदुर्ग मठ के महंत शिवमूर्ति मुरुघा शरानारु ने शाह को लिखे पत्र में कहा है कि लिंगायत धर्म को अल्पसंख्यक का दर्जा मिलने ले युवाओं को फायदा मिलेगा और समुदाय के बाकी लोगों को भी कुछ तो लाभ होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह फैसला समुदाय को बांटने वाला नहीं है बल्कि यह लिंगायत की उपजातियों के लोगों को संगठित करने वाला फैसला है।

क्या कहा था अमित शाह ने?
शाह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि लिंगायतों और वीरशैव लिंगायतों को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा देने का राज्य सरकार का कदम हिंदुओं को बांटने की कोशिश है। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा था कि यह लिंगायत समुदायों की बेहतरी के लिए उठाया गया कदम नहीं है बल्कि येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनने से रोकने की ‘साजिश’ है। वहीं बीजेपी की सांसद शोभा करंदलाजे ने भी ट्वीट कर कहा था कि कर्नाटक सरकार का फैसला समुदाय को बांटने वाला है। उन्होंने कहा था, ‘कर्नाटक के लोग हिंदू समाज को बांटने के आपके इरादे के लिए आपको कभी माफ नहीं करेंगे (मुख्यमंत्री) सिद्धारमैया। वोट बैंक की राजनीति के लिए आप एक गंदा खेल खेल रहे हैं। आपने कर्नाटक के नेताओं और स्वामीजी लोगों को बांटकर पूरे समुदाय के साथ छल किया है।’

बता दें कि 19 मार्च को जहां राज्य की कांग्रेस सरकार ने लिंगायत को अलग धर्म की मान्यता देने सहमति जताई थी, तो वहीं अमित शाह ने 26 मार्च को शिद्धगंगा मठ में 110 वर्षीय लिंगायत संत, शिवकुमार स्वामी से मुलाकात की थी। इसके अलावा उन्होंने अप्रैल-मई में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता के लिए उनका आशीर्वाद लिया था।

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