अमीत शाह पर दुबारा पाबंदी की मांग‌

अमीत शाह पर दुबारा पाबंदी की मांग‌
अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी टीचर्स एसोसीएश‌ण ने बी जे पी लीडर अमीत शाह पर दुबारा पाबंदी आइद करने का मांग‌ करते हुए दावा किया कि वो फ़िर्कावाराना इश्तिआल अंगेज़ी के जरिया फ़िज़ा-ए-को दुबारा खराब‌ कररहे हैं।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी टीचर्स एसोसीएश‌ण ने बी जे पी लीडर अमीत शाह पर दुबारा पाबंदी आइद करने का मांग‌ करते हुए दावा किया कि वो फ़िर्कावाराना इश्तिआल अंगेज़ी के जरिया फ़िज़ा-ए-को दुबारा खराब‌ कररहे हैं।

एसोसीएश‌ण के सेक्रेटरी आफ़ताब आलम ने अपने बयान में कहा कि अमीत शाह ने गुजिश्ता रोज़ आज़म गढ़ में एक तक़रीर के ज़रिया इलेक्शन कमीशन की बद एहतिरामी की है। जहां उन्होंने आज़म गढ़ की सारी मुस्लिम बिरादरी को दहशतगर्द क़रार दिया था।

आफ़ताब आलम ने कहा कि बी जे पी महज़ फ़िर्कावाराना ख़ुतूत पर वोटों की शीराज़ा बंदी के लिए मशरिक़ी उत्तरप्रदेश में वही ख़तरनाक खेल दोहराने की कोशिश कररहे है जो गुजिश्ता साल मुज़फ़्फ़रनगर में खेला गया था। आफ़ताब आलम ने मज़ीद कहा कि बी जे पी में वज़ारत अज़मी के उम्मीदवार की आसाम में हालिया इंतिख़ाबी तक़ारीर के ज़रिया खेले गए ख़तरनाक खेल के सबब ये सरहदी रियासत तशद्दुद की आग में झुलस रही है।

आफ़ताब आलम ने कहा कि इलेक्शन कमीशन अगर अमीत शाह और उनकी जमात के रफ़क़ा पर क़ाबू पाने में नाकाम होजाए तो इस किस्म की इंतिशार पसंदी से मुल्क को बचाने के लिए आख़िरी चारा कार के तौर पर हमें सदर जम्हूरिया से रुजू होना पड़ेगा।

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