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अमेरिका का अकेला मुस्लिम बहुल आबादी वाला शहर जहां पहले 90% आबादी कैथोलिक हुआ करती थी

हैदराबाद : अमेरिका ने देश में रिफ्यूजियों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका के मन में एक खतरा हमेशा रहा है ISIS का । अमेरिका में बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति ISIS का आतंकी तो नहीं है। लेकिन इन सब के बावजूद भी अमेरिका का एक शहर ऐसा है जिसे किसी भी बात का कोई डर नहीं है और तो और यह शहर रिफ्यूजियों का स्वागत भी करता है। इस शहर का नाम हैमट्रैम्क है। यह शहर अमेरिका का इकलौता ऐसा शहर है जहां मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है।

किसी समय यहां की 90 फीसदी आबादी पॉलिश कैथोलिक हुआ करती थी। पर बांग्लादेश, यमन और बोस्निया जैसे मुस्लिम कंट्रीज के माइग्रेंट्स के चलते हैमट्रैम्क शहर में मुस्लिमों की आबादी बढ़ने लगी। यहां का काउंसिल मुसलमान बहुमत में है।

पिछले साल इस शहर को मैजॉरिटी मुस्लिम सिटी काउंसिल चुना गया था। कई लोगों ने यहां माइग्रेंट्स मुस्लिमों की बढ़ी संख्या के चलते शहर को ‘शरीयविले’ निकनेम तक दे डाला था। हालांकि शहर लंबे समय से अपने बियर, पैक्जी पेस्ट्रीज, पोप और डॉन्सिंग के लिए जाना जाता है। अब यहां की चार मस्जिदों में से एक के आसपास लगभग 500 फीट के दायरे में शराब बिक्री पर मनाही है। शहर में कई चीजों पर अब पाबंदी है।

सेन्सस 2010 के आंकड़े पर गौर करें, तो यहां सबसे ज्यादा अरबी रहते हैं। शहर में इनकी आबादी 23 फीसदी है। दूसरे नंबर पर 19 फीसदी बांग्लादेशी हैं। 1930 के दशक में बांग्लादेशियों का पहला जत्था यहां आया था। इसके बाद यहां बोस्निया और अन्य देशों के मुसलमानों की लगभग 9 फीसदी आबादी बसती है।

2010 के सेन्सस के मुताबिक, शहर की कुल आबादी करीब 22,000 है। इसमें से 51 फीसदी मुस्लिम आबादी है। ऑफिशियली हैमट्रैम्क शहर को ‘द वर्ल्ड विदीन टू स्क्वेयर माइल्स’ नाम से भी जाना जाता है।

यहां की मेयर का कहना है कि पेरिस में रिफ्यूजी द्वारा किए गए धमाके से यहां के लोग बहुत डरे हुए है और हर मुसलमान को उसी नजर से देखते है। यहां पर लोगों को उनकी 5 वक्त की नमाज से भी परेशानी होती है। यहां पर लोग मुसलमानों को बाहर का समझते हैं।

अभी कुछ ही दिन पहले मिशिगन के गवर्नर ने यहां पर सीरिया से आने वाले रिफ्यूजियों को शरण देने से मना कर दिया था। लेकिन फिर भी हैमट्रैम्क शहर रिफ्यूजियों का स्वागत कर रहा है।

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