अमेरिका का सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रियों के अपने साथ लैपटॉप रखने पर पाबंदी का विचार

अमेरिका का सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रियों के अपने साथ लैपटॉप रखने पर पाबंदी का विचार
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अमरीका में अधिकारी चरमपंथ के ख़तरों को देखते हुए सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रियों के अपने साथ लैपटॉप रखने पर पाबंदी लगाने पर विचार कर रहे हैं.
अमरीका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के प्रमुख जॉन केली ने कहा है कि चरमपंथियों को किसी अमरीकी विमान को उड़ा देने का ख़याल बहुत ज़्यादा अच्छा लगता है और इसलिए ये ख़तरा बहुत वास्तविक है.

अमरीका ने पहले से ही आठ देशों से अमरीका आने-जाने वाले विमानों में लैपटॉप ले जाने पर पाबंदी लगाई हुई है जिनमें अधिकतर मध्य पूर्व के मुस्लिम देश हैं.
दो हफ़्ते पहले अधिकारियों ने फ़ैसला किया कि इस पाबंदी को अमरीका और यूरोप के बीच उड़ने वाले विमानों पर लागू नहीं किया जाएगा.
लेकिन केली की टिप्पणी के बाद अमरीका के उस फ़ैसले को लेकर संदेह पैदा हो गया है.

पहले आठ देशों पर लगाई गई थी पाबंदी
जॉन केली ने टीवी चैनल फ़ॉक्स न्यूज़ के साथ एक बातचीत में ये सब बातें कहीं जिसमें उनसे ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर में हुए बम हमले के बाद चरमपंथ का सामना करने की कोशिशों को लेकर सवाल पूछे गए. केली ने कहा,”हम अभी भी ख़ुफ़िया जानकारियाँ हासिल कर रहे हैं. ख़तरा वाकई बड़ा है और ये किस ओर जा रहा है उसे देखते हुए मैं फ़ैसला करूँगा. ”

अमरीका ने मार्च में आठ देशों की उड़ानों में केबिन में स्मार्टफ़ोन से बड़े किसी भी डिवाइस को ले जाने पर पाबंदी लगा दी थी. ये देश थे – तुर्की, मोरक्को, जॉर्डन, मिस्र, यूएई, क़तर, सऊदी अरब और कुवैत. ब्रिटेन ने भी छह देशों की उड़ानों पर ऐसी ही पाबंदी जारी की थी. हालाँकि हवाई सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि विमान के लगेज में बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जाने देने पर उनकी लिथियम बैटरी से आग लगने का ख़तरा कहीं ज़्यादा गंभीर है.

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