अमेरिका की भारत को दो टूक: F-16 खरीद लो, नहीं तो झेलो प्रतिबंध

अमेरिका की भारत को दो टूक: F-16 खरीद लो, नहीं तो झेलो प्रतिबंध
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अमेरिका ने भारत को CAATSA के तहत लगने वाले प्रतिबंधों से बचने के लिए F-16 विमान खरीदने की शर्त रखी है। रूस और भारत के बीच हुए S-400 डील के बाद अमेरिका ने भारत को आने वाले दिनों में प्रतिबंध झेलने की चेतावनी दी थी। हालांकि उसने अपने रुख मे बदलाव करते हुए कहा कि “अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेक्शन एक्ट (CAATSA)” के तहत लगने वाले प्रतबंधों के लिए भारत को इस बाद का भरोसा देना चाहिए कि वह अमेरिका से F-16 विमान खरीदेगा। वहीं भारत इस विमान को खरीदने का इच्छुक नहीं है क्योंकि यह पहले से ही पड़ोसी देश पाकिस्तान के पास है। भारत ने अमेरिका को इस पर कोई आश्वासन नहीं दिया है।

अमेरिका कर चुका है F-16 की पेशकश
एक रिपोर्ट के मुताबिक, CAATSA के तहत लगने वाले प्रतिबंधों में छूट के लिए अमेरिका ने भारत को इसी महीने की शुरुआत में F-16 लड़ाकू विमान खरीदने की पेशकश की थी। इस मामले को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिका के रक्षामंत्री जेम्स मैंटिस की मुलाकात भी हुई थी।

बता दें कि निर्मला सीतारमण इस दिसंबर मध्य तक अमेरिका की पहली द्विपक्षीय यात्रा करने की तैयारी में हैं। लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मैंटिस तब तक अमेरिका का रक्षा मंत्री रहेंगे या नहीं। मैटिस CAATSA के तहत भारत को छूट देने के बड़े समर्थक हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में बहस भी की थी। इस मामले में भारत को छूट देने का फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लिया जाना है। ट्रंप ने हाल में कहा था कि भारत जो सोच रहा है। उससे पहले ही उसे जवाब मिल जाएगा।

क्या कहना है अमेरिकी रक्षा विभाग का
अमेरिकी रक्षा विभाग अधिकारियों ने कहा है कि CAATSA के तहत किसी एक देश को विशेष राहत नहीं दी जाएगी और CAATSA के तहत राहत पाने के लिए अन्य चीजों की भी जरूरत होगी। इसमें से एक है, उस देश को रूस से हथियार खरीदने की अपनी निर्भरता को बड़ी मात्रा में कम करना। अगर भारत रूस के साथ S-400 मिसाइल सौदे के लिए 4.5 बिलियन डॉलर का भुगतान करेगा, तो वह भी CAATSA के तहत कार्रवाई झेल सकता है।

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि रूस के खिलाफ “मजबूत कार्रवाई” के लिए ‘दोनों तरफ से समर्थन’ है और राष्ट्रपति ट्रंप को CAATSA के तहत छूट देने के लिए भारत के साथ एक अच्छा सौदान करने की जरूरत है। हालांकि अमेरिका ने भारत को F-16 और F-18 लड़ाकू विमान खरीदने की पेशकश की है। लेकिन अमेरिका के लिए भारत को F-16 का प्रोडक्शन ट्रांसफर करने में आसानी होगी।

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