अमेरीका के भारी बम

अमेरीका के भारी बम
ईरान पर हमले की हमाक़त करने वाली सरगर्मीयों के दरमयान ये ख़बरें आ रही हैं कि अमेरीका ने ईरान जंग की सूरत में 13600 किलो वज़नी बम इस्तेमाल करने का मंसूबा बनाया है। उधर इसराईल ने भी अमेरीका से अस्लाह तलब किया है। वज़ीर-ए-आज़म नितिन याहू न

ईरान पर हमले की हमाक़त करने वाली सरगर्मीयों के दरमयान ये ख़बरें आ रही हैं कि अमेरीका ने ईरान जंग की सूरत में 13600 किलो वज़नी बम इस्तेमाल करने का मंसूबा बनाया है। उधर इसराईल ने भी अमेरीका से अस्लाह तलब किया है। वज़ीर-ए-आज़म नितिन याहू ने अमेरीका से जदीद बम हासिल करके ईरान पर बरसाने का इरादा किया है। अफ़्ग़ानिस्तान में बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल करने वाले अमेरीका के लिए ईरान पर हमले करने 13600 किलोग्राम वज़नी बम गिराने का मंसूबा एक और इंसानी तबाही का जुर्म होगा।

अफ़सोस इस जांबदाराना पालिसी का कि अमेरीका और इसराईल के पास वसीअ तबाही वाले हथियारों की मौजूदगी और उनका हुसूल जायज़ हैसियत रखता है और यही हथियार दीगर ममालिक के पास हो तो ये ख़िलाफ़-ए-क़ानून है, आलमी उसूलों के मुग़ाइर है।

अमेरीका और दीगर बड़ी ताक़तों की जांबदाराना पालिसीयों से सारी दुनिया में जो अदम तहफ़्फ़ुज़ का माहौल पैदा हो रहा है इसके नतीजा में आलमी सतह पर एक बेचैनी की कैफ़ीयत पैदा हुई है। ईरान के मसला पर अमेरीका और इस दोस्त मुल्कों ने ज़बरदस्त वावेला मचाना शुरू किया है। एक तरफ़ आलमी ताक़तें ईरान के साथ मुज़ाकरात पर ज़ोर दे रही हैं दूसरी तरफ़ अमेरीका और इसका हलीफ़ मुल्क इसराईल जंग की तैयारीयों की ख़बरें फैला रहे हैं।

अमेरीकी फ़िज़ाईया के जनरल हरबर्ट कार्लाइल ने अमेरीका की दिफ़ाई और जंगी तैयारीयों की तफ़सील पेश करते हुए ताक़तवर बमों के हुसूल में अमेरीकी दिलचस्पी का तज़किरा करके ये वाज़िह कर दिया है कि अमेरीका वसीअ तबाही वाले हथियारों के हुसूल में आगे है। अमरीकी अस्लाह के ज़ख़ाइर में इंसानी तबाही वाले हथियारों की मौजूदगी के बावजूद ये मुल़्क दूसरों मुल्कों को तर्क अस्लाह के लिए दबाव डाल रहा है।

हाल ही में वयाना में मुनाक़िदा बड़े मुल्कों के नुमाइंदा इजलास में अमेरीका और इसराईल पर ज़ोर दिया गया था कि ईरान से जंग के बजाय मुज़ाकरात किए जाएं। ये मुज़ाकरात पेशगी शराइत के बगै़र हूँ। एक तरफ़ फ़्रांस, बर्तानिया, रूस और दीगर ममालिक मुज़ाकरात के लिए अमेरीका को तरग़ीब दे रहे हैं दूसरी तरफ़ इसराईल जंग का जुनून लिए फिर रहा है। उसे ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को बंद कराने की फ़िक्र है।

आलमी ताक़तों ने ईरान के मुआमला में इंसाफ़ से काम लेने की ज़िम्मेदारी पूरी नहीं की है। हाल ही में ईरान के सुप्रीम रहनुमा अयातुल्लाह खुमैनी ने मुज़ाकरात के हवाले से आने वाले ब्यानात का ख़ौरमक़दम किया था। बातचीत मसाइल का हल होती है। मुज़ाकरात की मेज़ तक तमाम फ़रीक़ों को लाने के लिए अक़वाम-ए-मुत्तहिदा में वीटो इख्तेयार रखने वाले मुल्कों को ही आगे आकर संजीदा कोशिश करनी चाहीए।

जहां तक अमेरीका के दोग़ले पन का सवाल है वो इसराईल की हिमायत को ही अपना फ़र्ज़ अव्वलीन मुतसव्वर करता है। इसराईल की ख़ातिर ईरान पर फ़ौजकशी के लिए सारी दिफ़ाई ताक़त झोंक देने की धमकी भी आलमी ताक़तों के लिए तवज्जा तलब है। अमेरीका के सदर बारक ओबामा को अपनी दूसरी मीयाद के लिए इसराईल लॉबी को ख़ुश रखना ज़रूरी है तो उन्हें ईरान के ख़िलाफ़ ज़हर अफ़्शानी के ज़रीया अपनी कामयाबी के ज़ीना चढ़ने की कोशिश नहीं करनी चाहीए क्योंकि उनके पेशरू सदूर ने भी ज़ाती फ़ायदा के लिए दुनिया पर जंग मुसल्लत करने की गलतीयां करके अमेरीकी ओम की मआशी हालत को कमज़ोर बना दिया था।

अमेरीकी सदर ओबामा भी इस तरह की रविश इख्तेयार करते हुए मुस्लिम ममालिक पर नया महाज़ खोलने की तैयारी कर रहे हैं तो ये तैयारी मग़रिब के लिए भी तबाहकुन होगी। अफ़्ग़ानिस्तान, इराक़ और दीगर मुस्लिम ममालिक के ख़िलाफ़ महाज़ खुल कर अमेरीका ने मआशी तबाही को दावत दी थी इस महाज़ आराई की पालिसी को ईरान तक ले जाने की कोशिश की जाये तो मआशी बदहाली के इलावा दीगर तबाहियों के लिए ख़ुद अमेरीका और इसके दोस्त ममालिक ज़िम्मेदार होंगे।

बे मक़सद जंगों से दुनिया का भला नहीं हुआ है जंग की बातें करके अगर ईरान पर आलमी दबाव डालने की कोशिश है तो ईरान अपनी एटमी पेशरफ्त पर मुज़ाकरात के लिए मजबूर नहीं होगा। ईरान ने पहले भी कहा है कि इस का न्यूक्लियर प्रोग्राम तवानाई के हुसूल के लिए है।

ईरान में जहां तक ख़ारिजी पालिसीयों पर इत्तेफ़ाक़ राय का सवाल है। ईरान क़ियादत के इलावा दीगर अथॉरीटीज़ और अवाम को अपने मुल़्क की ख़ारिजा पालिसी ख़ासकर मग़रिबी दुनिया के ताल्लुक़ से सदर अहमदी नज़ाद के मंसूबों पर कोई इख्तेलाफ़ नहीं हो सकता। ईरान में आगे चल कर सदारत तब्दील भी हो जाये तो ईरान की पालिसीयों में कोई फ़र्क़ नहीं आएगा।

इसलिए आलमी ताक़तों को चाहीए कि वो ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के बारे में ग़ैर ज़रूरी वावेला मचाने के बजाय मुज़ाकरात के लिए राह हमवार करें, जहां तक अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की न्यूक्लियर एजेंसी बैन-उल-अक़वामी एटमी तवानाई एजेंसी के मुआइना कारों की टीम को मुआइना से रोकने का सवाल है इस मसला की यकसूई हो सकती है।

आई ए ई ए के सरबराह यू किया अमानो का फ़र्ज़ है कि वो ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के ताल्लुक़ से शफ़्फ़ाफ़ियत पर अमल करें। बैन-उल-अक़वामी एजेंसी को ईरान के न्यूक्लियर तंसीबात का आज़ादाना मुआइना का हक़ मुतसव्वर करने वाले आई ए ई ए के सरबराह को चाहीए कि जो गलतफहमियां पैदा की गई हैं उन्हें दूर करें। ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम का मुआइना इसराईल की ऐनक से नहीं किया जा सकता बल्कि इसराईल को ये बताने की ज़रूरत है कि ईरान के मुआमले में उसे ग़ैर ज़रूरी धमकी आमेज़ रवैय्या इख्तेयार नहीं करना चाहीए और ना ही बड़ी ताक़तों की जानिब से सिफ़ारती दबाव जारी रखा जाये।

Top Stories