अमेरीकी एयरपोर्ट्स पर मुअम्मर अफ़राद (बुजुर्गों) की तलाशी में नरमी

अमेरीकी एयरपोर्ट्स पर मुअम्मर अफ़राद (बुजुर्गों)  की तलाशी में नरमी

अमेरीकी एयरपोर्ट्स पर मुसाफ़िरों की स्क्रीनिंग के अमल से तक़रीबन हर मुल्क का शहरी मुतमइन नहीं है लेकिन अब ऐसा लगता है कि हुकूमत अमेरीका को भी इस का एहसास हो गया है और अब 75 साल या इस से ज़ाइद मुअम्मर(बुजुर्ग) मुसाफ़िरीन के लिए अमेर

अमेरीकी एयरपोर्ट्स पर मुसाफ़िरों की स्क्रीनिंग के अमल से तक़रीबन हर मुल्क का शहरी मुतमइन नहीं है लेकिन अब ऐसा लगता है कि हुकूमत अमेरीका को भी इस का एहसास हो गया है और अब 75 साल या इस से ज़ाइद मुअम्मर(बुजुर्ग) मुसाफ़िरीन के लिए अमेरीकी एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग के अमल को आसान तर कर दिया गया है।अमेरीका के तीन अहम एयरपोर्ट्स जान एफ़ कैनेडी, लागार्डिया और न्युयोर्क , तमाम न्यूयार्क शहर से क़रीब वाक़ै हैं।

यहां अब मुअम्मर (बुजुर्ग) मुसाफ़िरीन को सख़्त तरीन स्क्रीनिंग चैकिंग के दौरान अपने जूते, जैकिट्स और न्युयोर्क उतारने की ज़रूरत नहीं होगी। ट्रांसपोर्टेशन स्कियोरटी ऐडमिनिस्ट्रेशन (TSA) तर्जुमान लोरी डिंकर्स ने ये बात कही। याद रहे कि इन क़वाइद में नरमी का ऐलान इन शिकायतों के इदख़ाल के बाद किया गया है जहां गुजिश्ता साल जान एफ़ कैनेडी अर पोर्ट पर कुछ मुअम्मर (बुजुर्ग) ख्वातीन ने शिकायत की थी कि स्कियोरटी जांच पड़ताल के नाम पर उन्हें नियम ब्रहना कर दिया गया। उन्हों ने कहा कि आम तौर पर 75 साल या इस से ज़ाइद उम्र वाले मुसाफ़िरीन स्कियोरटी के लिए ख़तरा नहीं होते।

अमेरीका में मुसाफ़िरीन की तन्क़ीह (जाँच) के लिए जो तरीका-ए-कार इख़तियार किया गया है इस पर ना सिर्फ ग़ैरमुल्की बल्कि कई अमेरीकी मुसाफ़िरीन को भी एतराज़ है। इस के लिए हुक्काम का रवैय्या भी आम तौर पर मुसाफ़िरीन के साथ बेहतर नहीं होता जिस की शिकायात वक्फा – वक्फा से मीडीया में आती रहती हैं।

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