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अमेरीकी ड्रोन तय्यारा पर ईरान का क़बज़ा

तेहरान, 05 दिसंबर: (ए एफ़ पी ) ईरान के पासदारान इन्क़िलाब ने आज दावा किया कि उन्होंने एक छोटे अमेरीकी ड्रोन तय्यारे पर ख़लीज की आबी हदूद की फ़िज़ा में क़बज़ा कर लिया है जबकि ये ड्रोन तय्यारा ईरानी फ़िज़ाई हुदूद में दाख़िल हो गया था और इसका मक़सद

तेहरान, 05 दिसंबर: (ए एफ़ पी ) ईरान के पासदारान इन्क़िलाब ने आज दावा किया कि उन्होंने एक छोटे अमेरीकी ड्रोन तय्यारे पर ख़लीज की आबी हदूद की फ़िज़ा में क़बज़ा कर लिया है जबकि ये ड्रोन तय्यारा ईरानी फ़िज़ाई हुदूद में दाख़िल हो गया था और इसका मक़सद ईरान की जासूसी था ।

बगै़र पायलेट का ये अमरीकी ड्रोन तय्यारा ख़लीज-ए-फारिस की आबी हुदूद की फ़िज़ा में तिलाया गर्दी कर (चक्कर काट) रहा था और ईरान के बारे में मालूमात जमा कर रहा था । इस पर ईरान ने उस वक़्त क़बज़ा कर लिया जबकि वो ख़लीज-ए-फारिस के ऊपर ईरानी फ़िज़ाई हुदूद में परवाज़ कर रहा था ।

ईरानी बहरीया के आली तरीन शोबा ने अपने एक बयान में सरकारी नशरिया आई आर आई बी के हवाले से ये इत्तिला दी । बयान में ये नहीं ज़ाहिर किया गया कि कब कैसे और कहाँ इस ड्रोन तय्यारा पर क़बज़ा किया गया । बयान में सिर्फ़ इतना कहा गया है कि ये ड्रोन तय्यारा गुज़शता चंद दिन से जासूसी कर रहा था।

पासदारान इन्क़िलाब का बहरी शोबा ख़लीज में ईरानी असासा जात के तहफ़्फ़ुज़ का ज़िम्मेदार है । ये तय्यारा बोइंग साख़ता स्कैन इगल (ScanEagle ) तय्यारा है जो मुख़्तसर फासलाती जासूसी कार्यवाहीयां कर सकता है । इसके बाज़ो का टूल 3 मीटर होता है और ये बहरी जहाज़ों से भी परवाज़ शुरू कर सकता है और 100 किलो मीटर के फ़ासला तक परवाज़ कर सकता है ।

ईरान के मुतनाज़ा न्यूक्लीयर प्रोग्राम की बिना पर अमेरीका ने इसे तवील अर्सा से जासूसी का निशाना बना रखा है । ईरान के इस दावे पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कमांड जैसन सलाटा ने जो अमेरीकी बहरीया के पांचवें बेड़े के तर्जुमान हैं जो बहरैन में तैनात है कहा कि इस्कान इगल तय्यारे बहरीया की जानिब से फ़िज़ा में परवाज़ किया करते हैं लेकिन बरसों से किसी तय्यारा के फ़िज़ा में लापता होने की इत्तिला नहीं मिली ।

ईरानी ऐलान में तय्यारा पर क़बज़ा करने के वक़्त और मुक़ाम की कोई तफ़सील ज़ाहिर नहीं की गई है चुनांचे ये बात यक़ीनी है कि ईरान अमेरीका की इस इलाक़ा में बहाली अमन की कोशिशों के लिए एक संगीन ख़तरा बनता जा रहा है ।गुज़शता माह पेंटगान ने कहा था कि ड्रोन तय्यारों पर ख़लीज के इलाक़ा में फायरिंग की गई थी लेकिन इससे उन्हें कोई नुक़्सान नहीं पहुंचा था ।

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