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अयोध्या के मुमताजनगर की रामलीला होती है मुस्लिम के हाथों

दिल्ली : आइए इस दशहरा सद्भाव और सौहार्द की कुछ जीती-जागती मिसालों पर नजर दौड़ाई जाए। जैसे भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या के एक मोहल्ले में पिछले 50 साल से रामलीला का संचालन हिंदू नहीं मुसलिम कर रहे हैं। दिल्ली में कुंभकर्ण बने मुजीबुर्रहमान को कभी नहीं लगा कि वह दूसरे धर्म के लोगों के बीच हैं-
अयोध्या
भगवान राम की नगरी अयोध्या के आठ किलोमीटर के दायरे में स्थित मुमताजनगर में एक ऐसी रामलीला भी आयोजित होती है जिसका संचालन मुसलिम समुदाय के लोग करते हैं। पिछले 50 साल से यह रवायत कायम है। रामलीला रामायण समिति के अध्यक्ष भी माजिद अली हैं। माजिद बताते हैं कि इसका आयोजन हमेशा सौहार्द का संदेश देता है। यह रामलीला आपस के बैर भी खत्म कर रही है।
इस दशहरे पर अलगाव के रावण को जलाइए
दिल्ली: मुजीबुर्रहमान बने कुंभकर्ण, मां चाहती हैं राम बनें
मुजीबुर्ररहमान ने इस साल नवश्री धार्मिक लीला कमेटी में कुंभकर्ण की भूमिका की। वह कते हैं कि मेरी मां हमेशा से चाहती थी कि मैं राम का रोल करूं। मगर, कुंभकर्ण बनने का मौका मिला तो यही सही। श्री राम सेंटर में ‘प्रोफेशनल’ अभिनेता रहे मुजीबुर्रहमान बताते हैं कि हमारी पूरी टीम का मुझे बेहद सहयोग और प्यार मिला है।
मेरठ: असलम 30 साल से मेघनाद, रावण के पुतले बना रहे
श्रीरामलीला के आयोजनों में अप्रत्यक्ष तौर से मुसलिम अहम भूमिका निभा रहे हैं। मेरठ के असलम पिछले 30 साल से पुतले बना रहे हैं। महताब भी इसमें उनका साथ देते हैं। वे कहते हैं कि रावण तो बहुत ज्ञानी था, बस उसको गुरूर हो गया था। वहीं, सहारनपुर के गांधीपार्क में चल रही रामलीला में नारदमुनि की भूमिका सलीम कर रहे हैंं।
आजमगढ़: यहां दशरथ भी मुसलिम और विशिष्ठ भी
फूलपुर क्षेत्र में शिवसेवा रामलीला कमेटी सहजेरपुर के संस्थापक सदस्य अहमद अंसारी हैं। वे सोलह वर्ष से दशरथ और गुरु वशिष्ठ का रोल अदा करते आ रहे हैं। वहीं, सगड़ी क्षेत्र में श्रीराम जानकी मंदिर अकटहवा कुटी लुचुई रामलीला कमेटी चालीस वर्ष से संचालित हो रही है। इसमें मंजूर अहमद रावण, मेघनाथ व बाली की भूमिका करीब तीस वर्ष से निभा रहे हैं।
बलिया: संरक्षक कौशलेंद्र गिरि, प्रबंधक मुमताज
रसड़ा की रामलीला व दशहरा मेला हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल है। यहां की रामलीला व दशहरा मेला कमेटी के संरक्षक श्रीनाथ बाबा मठ के महंत कौशलेन्द्र गिरि हैं, जबकि मेले के प्रबंधक मुमताज अहमद। मेला प्रभारी नूरैन अहमद, बब्बर अंसारी व एकलाख कुरैशी तथा कमेटी के उपाध्यक्ष जहीर अंसारी व एहसानुल हक़ हैं। यहां दशहरे के लिए शहाबुद्दीन और उनके परिवार वाले 30 फुट ऊंचा रावण का पुतला बना रहे हैं।
फरीदाबाद: पुतले बनाते वक्त कारीगर मांस नहीं खाते
फरीदाबाद में मुस्लिम परिवार के कारीगर इमरान, अरमान, अभरान, फरमान, मेहराज बनाने में मशगूल हैं। इनकी खासियत यह है कि पुतलों को बनाने के दौरान ये कारीगर मांस नहीं खाते हैं। ऐसा वे हिंदू परंपरा को ध्यान में रखकर करते हैं। इस मर्तबा वे 93 फीट का रावण का पुतला बना रहे हैं।
नोएडा: सात साल से मंच बना रहे अली और यामीन
नोएडा स्टेडियम में आयोजित शहर की सबसे बड़ी रामलीला के मंच को मुरादाबाद के अफसर अली और यामीन ने तैयार किया है। वे यहां पिछले सात साल से मंच तैयार कर रहे हैं। मंच के साथ-साथ वह राम, लक्ष्मण, रावण, शिव, कृष्ण और मां दुर्गा की मूर्ति को अंतिम रूप दे रहे हैं। मुरादाबाद के बंगला गांव के रहने वाले 48 वर्षीय अफसर अली पिछले 35 वर्ष से यह काम कर रहे हैं। इसके अलावा रामलीला में दरबारी की भूमिका मोहम्मद नईम निभा रहे हैं।

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