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“अयोध्या नहीं है राम का पैदाइशी मुकाम “: किताब का दावा

नई दिल्ली: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनेल लॉ बोर्ड के सीनीयर रुकन की लिखी हुई एक किताब में चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। दावा है कि राम जन्मभूमि का झगड़ा अंग्रेजों की देन है और पुरूषोत्तम राम की पैदाइश जहां आज अयोध्या है, वहां नहीं हुआ था। बल्कि, उनकी पैदाइश शुमाली मगरिबी में पाकिस्तान में हुआ था। आपको बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनेल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में ज़ेर ए गौर पडे राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद तनाज़ा में एक फरीक है।

अब यह बोर्ड मुल्कभर में हिंदू लीडरों के साथ इस हकीकत को लेकर मीटिंग मुनाकिद कराने का प्लान बना रही है। बोर्ड का मंसूबा किताब के खुलासे को हिन्दू लीडरों की मदद से पूरे में बंटवाने की है ताकि बेदारी फैलाई जा सके। बोर्ड के असिस्टेंट जनरल सेक्रेटरी अब्दुल रहीम कुरैशी ने अपनी किताब Ayodhya issue के हकायक में दलील दिया है कि वेद या पुराण में कहीं नहीं लिखा है कि राम का पैदाइशी मुकाम गंगा के मैदानी इलाके में है। वह लिखते हैं कि उनकी रियासत हरियाणा और पंजाब की तौसीअ सरज़मीन है जो पाकिस्तान होती हुई अफगानिस्तान के मशरिकी किनारे तक जाती है।

Archaeological Survey of India के साबिक ओहदेदार जस्सू राम के आर्टीकल का हवाला देते हुए वह लिखते हैं कि राम की पैदाइश वास्तव में डेरा इस्माइल खान में हुआ था जो आज के पाकिस्तान का एक ज़िला है। इसमें एक कस्बा है जिसे अब रहमान देहरी कहा जाता है जो माज़ी मे राम देहरी था। उन्होंने सवाल किया है कि राम की पैदाइश 18 लाख साल पहले त्रेता दौर में हुआ माना जाता है, क्या कोई निशान इतने लाख साल बाद भी ज्यों की त्यों रह सकते हैं।

—————–बशुक्रिया: खास खबर

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