Sunday , May 20 2018

अयोध्या मसले की सुनवाई तेज करने का हुक्म

नई दिल्ली, 07 दिसंबर: (एजेंसी) सुप्रीम कोर्ट ने रायबरेली की अदालत को अयोध्या मसले की सुनवाई तेज करने के हुक्म दिए हैं। कोर्ट ने बी जे पी लीडर लालकृष्ण आडवाणी और दिगर उन 19 लोगों के खिलाफ मामला तेजी से आगे बढ़ाने को कहा है जिनके खिलाफ ट्

नई दिल्ली, 07 दिसंबर: (एजेंसी) सुप्रीम कोर्ट ने रायबरेली की अदालत को अयोध्या मसले की सुनवाई तेज करने के हुक्म दिए हैं। कोर्ट ने बी जे पी लीडर लालकृष्ण आडवाणी और दिगर उन 19 लोगों के खिलाफ मामला तेजी से आगे बढ़ाने को कहा है जिनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट ने मुजरीमाना साजिश के इल्ज़ाम खारिज कर दिए थे।

सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दर्खास्त दायर की है, लेकिन उसके वकील कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इस पर अदालत ने नाराजगी ज़ाहिर की। साथ ही उसने रायबरेली की अदालत के लिए नए हुक्म भी जारी किए।

जस्टिस एचएल दत्तू और जस्टिस सीके प्रसाद की बंच ने इस बीच सीबीआई को मुल्ज़मीन की फरिस्त से बाल ठाकरे का नाम हटाने की इजाज़त दे दी। ठाकरे का पिछले दिनों इंतेकाल हो गया था। बंच ने एडीशनल सॉलीसीटर जनरल एएस चंडोक के सीबीआई का पहलू रखने के लिए अदालत में न आने पर खिंचाई करते हुए कहा कि वो अदालत को ‘हल्के ढंग से’ ले रहे हैं।

सीबीआई आडवाणी समेत जिन लोगों के नाम मुजरीमाना साजिश के लिए आईपीसी की धारा 120बी के तहत लाना चाहती है उनमें कल्याण सिंह, उमा भारती, सतीष प्रधान, सीआर बंसल, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, साध्वी ऋतुंभरा, वीएच डालमिया, महंत अवैद्यनाथ, आरवी वेदांती, परमहंस रामचंद्र दास, जगदीश मुनि महाराज, बीएल शर्मा, नृत्य गोपाल दास, धर्म दास, सतीश नागर और मोरेश्वर सावे शामिल हैं।

सीबीआई ने 21 मई 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने इन लीडरों के खिलाफ लगे इल्ज़ामों को हटाने के खास अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। वैसे हाईकोर्ट ने उस वक्त सीबीआई को आडवाणी और दूसरे के खिलाफ राय बरेली की अदालत में मुतनाज़ा ढांचा गिराने से मुताल्लिक दूसरे इल्ज़ामों को लेकर मामले जारी रखने की इजाजत दी थी।

TOPPOPULARRECENT