अयोध्या में अगर मस्जिद बनी तो वहां नमाज़ पढ़ने वाले मुसलमान जहन्नुम जाएंगे- बुक्कल नवाब

अयोध्या में अगर मस्जिद बनी तो वहां नमाज़ पढ़ने वाले मुसलमान जहन्नुम जाएंगे- बुक्कल नवाब
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बीजेपी के अल्पसंख्यक सम्मेलन में बुधवार को पार्टी के एमएलसी बुक्कल नवाब के भाषण पर विवाद खड़ा हो गया. जिसमें उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि पर अगर मस्जिद बनी तो वहां नमाज़ पढ़ने वाले मुसलमान जहन्नुम जाएंगे क्योंकि वो जगह विवादित है. उन्होंने यह बयान बीजेपी अल्पसंख्यक सम्मेलन में दिया है जिसके बाद से विवाद शुरू हो गया है और हंगामे-नारेबाजी के बीच उनको मंच से वापस बुलाना पड़ गया. वहीं, बैठक के बाद बुक्कल से जब पूछा गया कि यह किस बात का विरोध हो रहा था. इस पर उन्होंने कहा, ”कोई विरोध नहीं था.समझाने की दृष्टि से कहा था कि जहां तक मंदिर का सवाल है, मंदिर तो बनेगा और अयोध्या में ही बनेगा. वहां नहीं, तो क्या पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बनेगा. यह 80 करोड़ से अधिक हिन्दुओं की आस्था का सवाल है.”

उन्होंने कहा, ”एक बात रखी थी कि लोग हमारे भाजपा के साथियों को इस बारे में अक्सर परेशान करते हैं कि वहां (अयोध्या में) मस्जिद बननी चाहिए. आप उन्हें बताइए कि यदि वहां मस्जिद बन जाती है, तो वहां नमाज कौन पढ़ेगा. विवादित स्थान पर नमाज पढ़ना हराम है. वहां दुआ नहीं मांग सकते. (बैठक में) यही बोल रहे थे.”  सूत्रों ने बताया कि मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भी मौजूद थे. नकवी ने 2019 में केन्द्र में फिर से भाजपा की सरकार बनाने की अपील करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है. पार्टी प्रवक्ता चंद्रमोहन ने भाषा से कहा, ”भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर को लेकर अपने मत को पार्टी नेतृत्व के द्वारा और संकल्प पत्र में हमेशा दोहराया है. मामला उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में है.” उन्होंने कहा कि यह सभी की जिम्मेदारी है कि पार्टी के रूख को आगे बढ़ाया जाए.

वहीं उनके बयान पर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सूफियां ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, जिस शख्स को खुद इस बात का इल्म न हो कि उसका ठिकाना कहां हो होगा, वो जन्नत में जाएगा या जहन्नुम में? वो अगर लोगों को जन्नत या जहन्नुम का टिकट बांटते हैं तो हैरत होती है. मौलाना सूफियां ने कहा, ‘अगर आपको सियासत करनी है तो करें, आप सियासत के दायरे में रहकर ईमान बेचें, अपनी सारी हदों को पार कर दीजिए. लेकिन अगर आप यह कहें जो मुसलमान बाबरी मस्जिद में नमाज पढ़ता है वो जहन्नुम में जाएगा इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’

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