Sunday , July 22 2018

अयोध्या में गिराए गए ढांचे में कोई ऐसा चिन्ह नहीं था जिसको मस्जिद कहा जा सके- शंकराचार्य सरस्वती

द्वारका पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने दावा किया कि अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि में मस्जिद कभी थी ही नहीं। 6 दिसम्बर, 1992 में कार सेवकों ने अयोध्या में मस्जिद नहीं तोड़ी थी बल्कि मंदिर तोड़ा था।

शंकराचार्य सरस्वती ने संवाददाताओं से कहा कि राम जन्मभूमि में मस्जिद कभी थी ही नहीं। मीनार थी। कोई ऐसा चिन्ह नहीं था जिससे उसे मस्जिद कहा जा सके।

उन्होंने कहा कि कार सेवकों ने मस्जिद नहीं, मंदिर तोड़ा है। उन्होंने कहा कि न तो बाबरनामा में और न ही आईने अकबरी में ऐसा कोई विवरण उपलब्ध होता है जिससे यह सिद्ध हो कि बाबर ने अयोध्या में किसी मस्जिद का निर्माण किया था।

सरस्वती ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद हम अयोध्या में विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद में भव्य राम मंदिर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे खतरनाक चीज भ्रष्टाचार है। पंच, सरपंच एवं अन्य चुनाव लडऩे के लिए पैसा खर्च करना पड़ता है। एफ.आई.आर. दर्ज करने के लिए पैसा देने पड़ता है।

TOPPOPULARRECENT