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अयोध्या में रामनवमी पूजा की इजाज़त ना देने का फैसला

अयोध्या । 17 अप्रैल । ( पी टी आई ) अयोध्या में मुतनाज़ा मुक़ाम पर रामनवमी के मौक़े पर पूजा का 64 साल से जारी सिलसिला मुनक़ते किए जाने का इमकान है क्योंकी जारीया साल ज़िला इंतेज़ामीया ने इस इलाक़े में कोई भी मज़हबी सरगर्मी की इजाज़त ना देने क

अयोध्या । 17 अप्रैल । ( पी टी आई ) अयोध्या में मुतनाज़ा मुक़ाम पर रामनवमी के मौक़े पर पूजा का 64 साल से जारी सिलसिला मुनक़ते किए जाने का इमकान है क्योंकी जारीया साल ज़िला इंतेज़ामीया ने इस इलाक़े में कोई भी मज़हबी सरगर्मी की इजाज़त ना देने का फैसला किया है ।

सिर्फ़ अदालत के ज़रीये नामज़द साधू अचार्य सतेन्द्र दास को 67 एकड‌ अराज़ी पर मज़हबी सरगर्मी अंजाम देने की इजाज़त दी जा रही है । ये अराज़ी मर्कज़ ने अपनी तहवील में ले ली है । गुज़िश्ता 19 साल से राम जन्मभूमि सेवा समीति से वाबस्ता मुक़ामी अफ़राद रामनवमी के मौक़े पर मुतनाज़ा मुक़ाम पर पूजा किया करते थे ।

जारीया साल रामनवमी 19 अप्रैल को होगी । सुप्रीम कोर्ट ने जारीया साल 28 जनवरी को मुतनाज़ा मुक़ाम से मुत्तसिल 67 एकड‌ अराज़ी पर जूं का तूं मौक़िफ़ बरक़रार रखने का हुक्म दिया और इस इलाक़े में किसी भी किस्म की मज़हबी सरगर्मी पर पाबंदी लगादी है ।

ज़िला मजिस्ट्रेट फ़ैज़ाबाद विपन‌ कुमार द्वीवेदी ने पी टी आई को बताया कि हम इस बात को यक़ीनी बनाएंगे कि किसी के भी मज़हबी जज़बात मजरूह ना हो और हमें जूं का तूं मौक़िफ़ रखने सुप्रीम कोर्ट के हुक्म की भी पासदारी करनी होगी ।मुक़ामी इंतेज़ामीया ने बाबरी मस्जिद मुक़द्दमे के मुअम्मर तरीन दरख़ास्त गुज़ार हाशिम अंसारी की शदीद मुख़ालिफ़त को भी पेश नज़र रखा है ।

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