Saturday , January 20 2018

अयोध्या विवाद का आपसी बातचीत से हल मुश्किल: आरएसएस

अहमदाबाद: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने आज कहा कि पुराने अनुभव के आधार पर ऐसा लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के हाल सलाह के तहत आपसी बातचीत के जरिए अयोध्या विवाद का समाधान होना मुश्किल है। आरएसएस के पश्चिमी क्षेत्र के प्रमुख डॉ जयंती भाई भादीतिया ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अदालत ने भले ही इस मामले को धार्मिक आस्था का मुद्दा बताते हुए इसे आपसी बातचीत के जरिए हल करने की सलाह दी है, लेकिन पुराना अनुभव प्रकट करता है कि ऐसा होना मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि पहले बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी ने कहा था कि अगर इस तरह के सबूत मिल जाए कि बाबरी मस्जिद के नीचे मंदिर था तो वह खुद ही इसे राम जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंप देंगे। लेकिन जब इंडियन आर्कियालोजीकल सर्वेक्षण खुदाई में ऐसी बात सामने आ चुकी है तो वह अपनी बात से मुकर गए।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और नरसिम्हा राव के शासनकाल सहित तीन बार बातचीत के आधार पर इस मामले को सुलझाने की कोशिशें नाकाम रही हैं। इस मामले का समाधान या तो अदालत के फैसले से या संसद द्वारा कानून बनाकर ही हो सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि अदालत के हाल के प्रस्ताव के अनुसार होने वाली किसी भी बातचीत में हिन्दुओं द्वारा साधु संतों की समिति को अपनी बात रखनी चाहिए। डॉक्टर भादीतिया ने कहा कि सरकार में बैठे लोग भी राम मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं, लेकिन सरकार में होने के कारण कानून का पालन करना उनकी मजबूरी है।

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