अरबपति की बेटी एमबीबीएस टॉपर हिना ने ली जैन दीक्षा, अब बनीं साध्वी श्री विशारदमाल

अरबपति की बेटी एमबीबीएस टॉपर हिना ने ली जैन दीक्षा, अब बनीं साध्वी श्री विशारदमाल

एमबीबीएस टॉपर और अरबपति परिवार की बेटी हिना हिंगड ने सांसारिक जीवन त्याग दिया है। बुधवार को हिना ने सूरत में दीक्षा ग्रहण की। हिना ने पूरे विधि और जैन परंपरा के अनुसार दीक्षा ग्रहण की। उनका दीक्षा कार्यक्रम बुधवार सुबह से शुरू होकर दोपहर के बाद संपन्न हुआ। जैन परंपरा से दीक्षा लेने के बाद हिना हिंगड़ की पहचान अब साध्वी श्री विशारदमाल हो गई

हिना पिछले 12 सालों से अपने माता पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों को दीक्षा लेने के लिए मना रही थीं। हिना का मानना है कि सांसारिक जीवन छोड़कर जैन भिक्षु
बन जाना हर किसी के बस की बात नहीं है।

हिना ने आध्यात्मिक गुरु आचार्य विजय यशोवर्मा सुरेश्वरजी महाराज से दीक्षा ली। 28 साल की हिना अरबपति परिवार से ताल्लुक रखती हैं। अहमदनगर यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट हिना पिछले 3 सालों से प्रैक्टिस कर रही थीं। वह अपने छात्र जीवन में ही आध्यात्मिकता की तरफ आकर्षित हो गई थीं।

हिना ने दीक्षा से पहले जरूरी 48 दिनों का ध्यान पूरा किया। आचार्य विजय के मुताबिक, हिना ने अपने पिछले जन्म में किए गए ध्यान और श्रद्धा की वजह से जैन धर्म
की दीक्षा लेना स्वीकार किया है।

जब हिना ने अपने परिवार को अपने आध्यात्मिक रुझान के बारे में बताया तो उनके घर वाले राजी नहीं हुए। हिना का कहना है कि उन्हें सांसारिक सुखों को त्याग कर आध्यात्मिक संयम का रास्ता अपनाना है। हिना हिंगड परिवार की 6 बेटियों में सबसे बड़ी है। जैन भिक्षु बनने के हिना के फैसले से उनके परिवार वाले दुखी हैं।

हिना पिछले 12 सालों से अपने माता पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों को दीक्षा लेने के लिए मना रही थीं। हिना का मानना है कि सांसारिक जीवन छोड़कर जैन भिक्षु बन जाना हर किसी के बस की बात नहीं है।

गुजरात में कम उम्र किसी का भिक्ष बनना नई बात नहीं है। हिना से पहले अप्रैल 2018 में एक हीरा कारोबारी के बेटे भव्य शाह ने भी महज 12 साल की अवस्था में सन्यास ले लिया था। भव्य को परफ्यूम और महंगी कारों का शौक था जिसे आखिरी दिन उनके घर वालों और दोस्तों ने पूरा किया। उसे फरारी गाड़ी बैठाकर घुमाया गया और फिर भव्य ने आखिरी वक्त में घरवालों से जीभरकर बातें की और उनसे विदा ली थी।

12वीं के टॉपर ने भी लिया संन्यास
-जून 2017 में गुजरात बोर्ड के 12वीं (कॉमर्स) के टॉपर वर्षील शाह ने जैन धर्म में दीक्षा ली
-सितंबर 2017 में मध्य प्रदेश के एक दंपति ने अपनी 3 साल की बच्ची और 100 करोड़ की संपत्ति को छोड़ जैन धर्म में दीक्षा ले ली
-अप्रैल 2018 में सूरत के एक हीरा व्यापारी का 12 वर्षीय बेटा भव्य शाह जैन भिक्षु बन गया
-साल 2014 में भव्य की बड़ी बहन प्रियांशी ने भी 12 साल की उम्र में जैन धर्म में दीक्षा ली थी
-अप्रैल 2018 में ही मुंबई के प्रतिष्ठित हीरा व्यापारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले सीए मोक्षेश करोड़ों की संपत्ति छोड़ जैन भिक्षु बन गए

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