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अरब दुनिया के नौजवानों की अक्सरीयत दाइश के ख़िलाफ़

एक ताज़ा सर्वे के मुताबिक़ अरब ख़ित्ते में नौजवान मुसलमानों की अक्सरीयत नाम निहाद जिहादी मिलिशिया इस्लामिक स्टेट या फिर दहशतगर्द तंज़ीम अलक़ायदा से ताल्लुक़ रखने वाले इंतिहा पसंदों की कार्यवाईयों की मुज़म्मत करती है।

जैसा कि न्यूज़ एजैंसी ए एफ़ पी ने अबूज़हबी से जारी होने वाली अपनी एक रिपोर्ट में बताया है, ये सर्वे ज़ोगबी रिसर्च सर्विसेस नामी इदारे की जानिब से बुध के रोज़ शाय किया गया है।

शुमाली अफ़्रीक़ा और अरब ख़लीजी मुल्कों में किए गए इस सर्वे में ज़्यादातर शुर्का ने इस नुक़्ता-ए-नज़र का इज़हार किया कि बड़े पैमाने पर पाई जाने वाली करप्शन और अवाम का इस्तिहसाल करने वाली ग़ैर नुमाइंदा हुकूमतें एन नाम निहाद जिहादीयों की मक़बूलियत का बड़ा सबब हैं।

दीगर का कहना ये था कि इंतिहापसंद ग्रुपों को इस वजह से फ़रोग़ हासिल हो रहा है क्यों कि मुसलमान मुल्कों में तालीम के शोबे की हालत पस्त है और इंतिहा पसंदाना मज़हबी रुजहानात की तालीम दी जाती है।

इस सर्वे का इजरा करते हुए ज़ोगबी फ़र्म के सरब्राह जेम्ज़ ज़ोगबी ने बताया, ज़्यादातर मुल्कों में अक्सरीयत का कहना ये था कि मज़हब में इस्लाह की ज़रूरत नहीं है बल्कि मज़हबी मौज़ूआत पर तबादला-ए-ख़्याल ज़्यादा से ज़्यादा दौर-ए-हाज़िर के हालात से हम आहंग होना चाहिए।

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