Monday , June 25 2018

अररिया पहुंची फॉरेंसिक जांच टीम, देश विरोधी नारे की विडियो की सच्चाई से उठेगा पर्दा!

बिहार के अररिया लोकसभा उपचुनाव में RJD प्रत्याशी की जीत के बाद कथित तौर पर सामने आए देश विरोधी नारे वाले वीडियो मामले की जांच के लिए मंगलवार को FSL टीम अररिया पहुंची। पटना से आई तीन सदस्यीय फोरेंसिक टीम मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों का वॉयस सैंपल लेगी।

दोनों आरोपियों को अररिया के मंडल कारागार में हिरासत में रखा गया है। आरोपियों के वॉयस सैंपल और वायरल वीडियो में लगाए गए देश विरोधी नारे की आवाज की जांच के लिए यह टीम अररिया पहुंची हुई है।

गौरतलब है कि 14 मार्च को लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार और आरजेडी की जीत के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें यह दावा किया गया कि विजेता राजद प्रत्याशी सरफराज आलम के घर के बाहर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ और ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे लगाए गए।

इस मामले में नगर थाना में 3 युवकों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई, जिनमें से सज्जाद और सुल्तान आजमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि तीसरा आरोपी आबिद रजा अभी भी फ़रार है।

बता दें कि बाद में उसी वीडियो का एक और वर्जन सामने आया और दावा किया गया कि वही असली वीडियो है और उसमें कोई भी देश विरोधी नारेबाजी नहीं की गई है। हालांकि अब तक सच्चाई सामने नहीं आ सकी है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।

आरजेडी का कहना है कि बीजेपी ने साजिश के तहत वीडियो के साथ छेड़छाड़ की है। लेकिन पुलिस का कहना है कि वीडियो गिरफ्तार किए गए युवकों के मोबाइल से वायरल किया गया था। पुलिस के मुताबिक, हालांकि अब तक इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है।

बिहार के DGP केएस द्विवेदी का वहीं कहना है कि विवादित वीडियो में तीन लोग दिख रहे हैं, जो उसी मोहल्ले के रहने वाले हैं। उन्हीं में से एक लड़के के मोबाइल से यह वीडियो वायरल किया गया।

इसलिए विवादित वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का दोषी उन्हें पाया गया, चाहे उन्होंने खुद वह वीडियो बनाया या नहीं बनाया हो।

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