Saturday , December 16 2017

अरूणाचल प्रदेश में चीनी फ़ौजीयों की दरअंदाज़ी

दो तीन दिन क़ियाम के बाद वापसी, दोनों ममालिक की फ़ौजें अपने अपने मोर्चों पर मौजूद

दो तीन दिन क़ियाम के बाद वापसी, दोनों ममालिक की फ़ौजें अपने अपने मोर्चों पर मौजूद
हिन्दुस्तानी फ़ौज से एक और सफ़ आराई के एक और वाक़िये में चीनी फ़ौजी अरूणाचल प्रदेश के इलाक़ा चागला गाम में 13 अगस्ट को 20 किलो मीटर से ज़्यादा फ़ासिले तक हिन्दुस्तानी सरज़मीन पर दरअंदाज़ी करके वहां पर 2 से ज़्यादा दिन तक क़ियाम में मुलव्विस रह चुके हैं।

फ़ौजी हैड क्वार्टर्स ने इस दरअंदाज़ी की एहमीयत कम करने की कोशिश करते हुए कहा कि चीनी फ़ौजी अपने इलाक़ों में वापिस होचुके हैं और ऐसे वाक़ियात सरहद की दोनों तरफ‌ होते रहते हैं। मुतनाज़ा ख़ित्ता क़बज़ा के पास तिल्लायेगर्दी के दौरान भी ऐसा वाक़िया पेश आता है।

पीपल्ज़ लिब्रेशन आर्मी के फ़ौजी हिन्दुस्तानी सरज़मीन पर रियासत अरूणाचल प्रदेश के इलाक़ा चागला गाम में 20 किलो मीटर से ज़्यादा फ़ासिले तक दरअंदाज़ी करके दाख़िल होगए थे। उन्हें हिन्दुस्तानी फ़ौजीयों ने रोक दिया था। दोनों ममालिक के फ़ौजीयों ने एक दूसरे को बैनरस दम और इस इलाक़े की तख़लिया करने का मुतालिबा किया। दोनों ममालिक के फ़ौजी अपने अपने मोर्चे पर मौजूद रहे।

चीनी फ़ौजी दो तीन दिन क़ियाम के बाद वापिस होगए। ये इलाक़ा फ़ौज के 2 डीवीझ़न के तहत आता है और इस के डिप्टी कमांडर ने मसले की यकसूई के लिए मुदाख़िलत की है। ज़राए के बमूजब इंडो । तिब्बतन बॉर्डर पुलिस नियम फ़ौजी तंज़ीम का अमला भी इस इलाक़े में ख़ित्ता क़बज़ा पर उसकी हिफ़ाज़त के लिए तायनात है। ज़राए ने कहा कि अप्रैल में भी चीनी फ़ौजी हिन्दुस्तानी सरज़मीन पर 19 किलो मीटर तक अंदर दाख़िल होगए थे और देस पांग के मैदान लद्दाख में खे़मे नसब करदिए थे।

तीन हफ़्ते की सफ़ आराई के बाद और दोनों ममालिक के आला ओहदेदारों के बीच‌ सरगर्म बातचीत के कई मराहिल के बाद चीनी फ़ौजी वापिस होगए थे। गुज़िश्ता 8 माह में फ़ौजी ज़राए के बमूजब 150 से ज़्यादा दरअंदाज़ी के वाक़ियात चीन की जानिब से पेश आए और हिन्दुस्तानी फ़ौजी इन इलाक़ों में भी जहां तिल्लायेगर्दी जारी थी।

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