अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट : झारखंड में बंद हुए सैकड़ों कारखाने

अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट : झारखंड में बंद हुए सैकड़ों कारखाने

रांची : अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट से देश में विभिन्न सेक्टरों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इसका असर झारखंड सहित अन्य राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। झारखंड में उद्योगों की खस्ता हालत से वहां के व्यापारियो में हड़कंप मचा हुआ है। यहां व्यापारी मौजूदा संकट में भाजपा की रघुवर दास सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगा रहे हैं। झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में सैकड़ों की संख्या में छोटे-बड़े उद्योग बंद हो रहे है़ं जमशेदपुर, रांची, रामगढ़, गिरिडीह में कई कारखानों में ताला लग गया़ है। राज्य में उद्योगों में निवेश तो नहीं हुआ, उलटे पुराने उद्योग बंद हो गये़।

उन्होने कहा, भाजपा कहती है कि राज्य में डबल इंजन की सरकार है़ भाजपा को बताना चाहिए कि इस सरकार में पिछले पांच वर्षों में क्या हुआ़ उन्होंने कहा कि उद्योग धंधे बंद होने से लाखों लोग बेरोजगार हुए है़ं बेरोजगार आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गये है़ं मजदूर सड़क पर आ गये है़ं। व्यापारियों ने राजधानी रांची में मुख्यमंत्री आवास के सामने बैन लगाकर अपनी समस्याओं की सुध लेने की अपील की है। इसके अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर बैनर लगाकर सरकार से व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को सरकार के सामने रखा है। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) का कहना है कि राज्य भर में 10 हजार से अधिक औद्योगिक ईकाइयां बंद हो गई हैं।

फेडरेशन के अनुसार प्रदेश में दो साल पहले जिस तरह की बिजनेस के अनुकूल स्थितियां थीं वह अब पूरी तरह से बदल गई हैं। औद्योगिक विकास पूरी तरह से मंदा हो गया है। फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक मारू ने बुधवार को रांची में चैंबर भवन में एक बैठक में कहा कि झारखंड में उद्योगों में तेजी आने की उम्मीद पूरी तरह से खत्म हो गई है। प्रदेश में औद्योगिक ईकाइयां अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं।

राज्य सरकार की असंवेदनशीलता के कारण पिछले कुछ महीनों में करीब 1000 छोटी व बड़ी औद्योगिक ईकाइयों पर ताला लग चुका है। दीपक मारू ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री, मंत्री और अफसरों समेत हर जिम्मेदार व्यक्ति तक अपना पक्ष रखने का प्रयास किया है लेकिन अभी तक हमारी समस्या का कोई हल नहीं निकला है। हमें अपनी बात रखने के लिए होर्डिंग के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसकी शुरुआत हमने मुख्यमंत्री आवास के पास होर्डिंग लगाने से की है।

होर्डिंग पर लिखा है, व्यापारियों की मार्मिक पुकार- अब तो सुध लो सरकार। राज्य में व्यापारी बिजली की कमी, बिजनेस की क्लियरेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के पूरी तरह से फेल हो जाने, पुलिस अधिकारियों की तरफ से ट्रांसपोर्टरों को परेशान किए जाने, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत साधनों के अभाव के साथ ही लालफीताशाही, चोरी और अपराध की घटनाओं की समस्या को लगातार उठा रहे हैं। फेडरेशन का कहना है कि यदि सरकार उनकी बात नहीं सुनती है तो वह व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे।

वहीं भाजपा ने कहा कि बाबूलाल को राज्य की चिंता करने की जरूरत नहीं है़ मोमेंटम झारखंड के बाद फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में 1200 करोड़ का निवेश हुआ है़ इस क्षेत्र में 73 इकाइयां लगी है़ं 40 इकाइयों पर काम चल रहा है़ इससे अब तक 75 हजार लोगों को रोजगार से जोड़ा जा चुका है़ टेक्सटाइल के क्षेत्र में 34 इकाइयां लगी हैं और 35 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है़ मौके पर मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी मौजूद थे़

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