अर्सलान इफ़्तिख़ार की सुप्रीम कोर्ट में नज़रसानी (पुनर्विचार) की दरख़ास्त

अर्सलान इफ़्तिख़ार की सुप्रीम कोर्ट में नज़रसानी (पुनर्विचार) की दरख़ास्त

डाक्टर अर्सलान इफ़्तिख़ार ने सुप्रीम कोर्ट में नज़रसानी (पुनर्विचार) की एक दरख़ास्त दायर करते हुए कहा है कि मलिक रियाज़ हुसैन की तरफ़ से आइद इल्ज़ामात पर नैब की तहक़ीक़ात गै़रक़ानूनी हैं जबकि मुशतर्का तहक़ीक़ाती टीम के अरकान

डाक्टर अर्सलान इफ़्तिख़ार ने सुप्रीम कोर्ट में नज़रसानी (पुनर्विचार) की एक दरख़ास्त दायर करते हुए कहा है कि मलिक रियाज़ हुसैन की तरफ़ से आइद इल्ज़ामात पर नैब की तहक़ीक़ात गै़रक़ानूनी हैं जबकि मुशतर्का तहक़ीक़ाती टीम के अरकान का मुल्क रियाज़ से ताल्लुक़ है।

डाक्टर अर्सलान की तरफ़ से सुप्रीम कोर्ट में दायर नज़रसानी (पुनर्विचार) दरख़ास्त में कहा गया है कि अदालती अहकामात पर दरुस्त अमल(काम) नहीं हो रहा, अदालती हुक्म में अटार्नी जनरल को केस नैब को देने का हुक्म नहीं था, अटार्नी जनरल ने अदालती फ़ैसले की ग़लत तशरीह की(जानकारी दी) है।

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