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अलहदा तेलंगाना रियासत का कोई मुतबादिल नहीं

हैदराबाद 17 दिसंबर (सियासत न्यूज़) कांग्रेस के रुकन पार्लीमैंट मिस्टर मधु गौड़ यशकी ने अलहदा तेलंगाना रियासत के मसला पर कोई समझौता ना करने का ऐलान करते हुए कहा कि डीवलपमनट कौंसल तशकील देने का इशारा देते हुए तेलंगाना के अवाम को धो

हैदराबाद 17 दिसंबर (सियासत न्यूज़) कांग्रेस के रुकन पार्लीमैंट मिस्टर मधु गौड़ यशकी ने अलहदा तेलंगाना रियासत के मसला पर कोई समझौता ना करने का ऐलान करते हुए कहा कि डीवलपमनट कौंसल तशकील देने का इशारा देते हुए तेलंगाना के अवाम को धोका दिया जा रहा है। तेलंगाना के क़ाइदीन को सदर जमहूरीया और नायब सदर के ओहदे भी दिए जाते हैं तो तेलंगाना की तहरीक ख़तम नहीं होगी। इलाक़ा तेलंगाना की नुमाइंदगीकरने वाले कांग्रेस के रुकन पार्लीमैंट मिस्टर यशकी ने कहा कि तेलंगाना मसला पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। तेलंगाना के अवाम अलहदा तेलंगाना रियासत के सिवा-ए-दूसरा कोई मुतबादिल क़बूल करने केलिए तैय्यार नहीं हैं। अलहदा रियासत की तशकील केलिए अब तक 700 नौजवानों ने क़ुर्बानियां दी हैं।

सरकारी मुलाज़मीन ने 42 दिनों तक आम हड़ताल की य। मर्कज़ी को चाहीए कि अवाम को बेवक़ूफ़ बनाने के बजाय उन के जज़बात का एहतिराम करे और दो साल क़बल किए गए वाअदा पर अमल करते हुए फ़ौरीपार्लीमैंट में बिल पेश करी, लेकिन वाअदा की तकमील की बजाय तेलंगाना डीवलपमनट कौंसल तशकील देने के जो इशारे दिए जा रहे हैं, इस से तेलंगाना के अवाम में ब्रहमी पाई जा रही है। किसी ने भी डीवलपमनट कौंसल तशकील देने का मुतालिबा नहीं किया है। 50 साल के दौरान तेलंगाना के साथ होने वाली नाइंसाफ़ी को दूर करने के लिए कई मुआहिदे किए गई। कई कमीशन तशकील दिए गई, यहां तक कि इलाक़ाई तरक़्क़ीयाती बोर्डस भी तशकील दिए गई, मगर सब नाकाम हो गई।

इसी लिए तेलंगाना के अवाम को डीवलपमनट कौंसल पर भरोसा नहीं है। अगर अवाम कीमर्ज़ी के ख़िलाफ़ इस तरह का कोई फ़ैसला किया जाता है तो तेलंगाना की नुमाइंदगी करने वाले तमाम मुंतख़ब अवामी नुमाइंदे जमाती सियासत से बालातर होकर एक प्लेटफार्म पर जमा हो जाएं और अलहदा तेलंगाना रियासत की तशकील के लिए मुत्तहदा जद्द-ओ-जहद करें, तब हि अलहदा रियासत की तशकील होगी। उन्हों ने कहा कि ज़बरदस्ती सीमा। आंधरा के साथ तेलंगाना को जोड़े रखने की जो कोशिश की जा रही है, वो ठीक नहीं है। दोनों इलाक़ों के अवाम दुहनी तौर पर तक़सीम हो चुके हैं, सिर्फ सरहदों की हदबंदी बाक़ी है। अगर कांग्रेस पार्टी अवाम से किए गए वाअदा को निभाने में नाकाम होती है तो इस को अवाम के ग़ैज़-ओ-ग़ज़ब का सामना करना पड़ेगा।

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