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अलाहिदा रियासत तेलंगाना 9 दिसम्बर को वजूद में आने का इमकान

तेलंगाना का यौम तासीस 9 दिसम्बर होसकता है जो सोनिया गांधी का यौम पैदाइश भी है !। दिल्ली में जारी अलाहिदा रियासत की तशकील के लिए सरगर्मियों के दौरान ये इत्तेलाआत भी मंज़र-ए-आम पर आरही हैं कि 9 दिसम्बर 2013 को अलाहिदा रियासत तेलंगाना के हद

तेलंगाना का यौम तासीस 9 दिसम्बर होसकता है जो सोनिया गांधी का यौम पैदाइश भी है !। दिल्ली में जारी अलाहिदा रियासत की तशकील के लिए सरगर्मियों के दौरान ये इत्तेलाआत भी मंज़र-ए-आम पर आरही हैं कि 9 दिसम्बर 2013 को अलाहिदा रियासत तेलंगाना के हदूद में चीफ मिनिस्टर का भी एलान करदिया जाएगा।

पिछ्ले दिन मर्कज़ी काबीना की तरफ से अलाहिदा रियासत तेलंगाना की तशकील के अमल को मंज़ूरी दीए जाने और 10 वुज़रा पर मुश्तमिल ग्रुप की तशकील के बाद तफ़सीलात बाहर आने लगी हैं।

अलाहिदा रियासत तेलंगाना की तशकील का 2009 में सोनिया गांधी की सालगिरा के मौके पर उस वक़्त के वज़ीर दाख़िला पी चिदम़्बरम ने एलान किया था लेकिन इस एलान के ख़िलाफ़ हंगामों को देखते हुए कांग्रेस ने फैसले से रुक गए थे।

लेकिन इस मर्तबा कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले के बाद अलाहिदा रियासत की तशकील के लिए सब से बड़ा फैसला पिछ्ले दिन काबीना ने काबीनी नोट को मंज़ूरी देते हुए करदिया है।

बावसूक़ ज़राए के बमूजब कांग्रेस अलहिदा रियासत की तशकील का सहरा पूरी तरह से अपने सर लेने इस कोशिश में है कि 9 दिसम्बर से पहले तमाम तर त्यारियां मुकम्मिल करते हुए अलाहिदा रियासत के चीफ मिनिस्टर का एलान करदिया जाये ताकि सोनिया गांधी की सालगिरा के मौके पर एक नई रियासत के वजूद में आने की राह हमवार होसके।

सीमा आंध्र अवाम की तरफ से जारी एहतेजाज और क़ाइदीन के इस्तीफ़ों के बावजूद वज़ारत-ए-दाख़िला में जारी सरगर्मियों से एसा महसूस होता हैके मर्कज़ी हुकूमत ने किसी भी तरह से तशकील तेलंगाना को यक़ीनी बनाने का फैसला करलिया है चूँकि आज मौसूला इत्तेलाआत के बमूजब नायब सदर नशीन मंसूबा बंदी कमीशन मिस्टर मोंटेक सिंह अहलुवालिया को निज़ाम अदलिया(नया दफ्तर) , इक़तिसादीयात , हदूद के अलावा आबरसानी और कानकनी के उमोर का जायज़ा लेने की निगरानी दिगई है।

इसी तरह 10 वुज़रा का ग्रुप दुसरे उमोर तबादलों , तक़र्रुत , नई रियासत के लिए सदर मुक़ाम की तामीर वगैरह का जायज़ा लेगा। वुज़रा के ग्रुप को अंदरून 6 हफ़्ते रिपोर्ट दाख़िल करने की हिदायत दी गई है जबकि नायब सदर नशीन क़ौमी मंसूबा बंदी कमीशन से छः हफ़्तों से पहले तमाम उमोर की तकमील करने की ख़ाहिश की गई है।

कांग्रेस क़ाइदीन इस बात का जायज़ा ले रहे हैंके रियासत की 9 दिसम्बर से पहले अमली तक़सीम को यक़ीनी बनाने के बाद फ़ौरी तौर पर तेलंगाना में किस तरह हुकूमत तशकील दी जा सकती है।

इलाके तेलंगाना में जो अरकान असेंबली की तादाद है इन में फ़िलहाल सब से ज़्यादा कांग्रेस के अरकान असेंबली हैं। कांग्रेस आला क़ाइदीन तशकील तेलंगाना के बाद तेलंगाना राष़्ट्रा समीति के अरकान की ताईद हासिल करने के बारे में ग़ौर कररहे हैं ताकि फ़ौरी तशकील हुकूमत को यक़ीनी बनाया जा सके।

इन सरगर्मियों के साथ जिन क़ाइदीन को रियासत तेलंगाना के पहले चीफ मिनिस्टर के ओहदे की उमिद है वो क़ाइदीन दिल्ली में अपना मुक़ाम बनाने कोशिशों का भी आग़ाज़ करचुके हैं।

वज़ारत-ए-दाख़िला के ज़राए के बमूजब अगर अंदरून छः हफ़्ते वज़ारती ग्रुप की रिपोर्ट वसूल होजाती है तो उसी सूरत में माह दिसम्बर के अवाइल में शुरू होने वाले पार्ल्यमंट के सरमाई मीटिंग में तेलंगाना बिल पेश करते हुए यक़ीनी तौर पर मंज़ूर करवाया जा सकता है इसी लिए वज़ारत-ए-दाख़िला , मंसूबा बंदी कमीशन , वज़ारती ग्रुप , वज़ारत क़ानून , वज़ारत फाइनैंस की तरफ से फ़ौरी तौर पर मुताल्लिक़ा ओहदेदारों को मुतहर्रिक करदिया गया है ताकि जल्द तमाम उमोर की तकमील को यक़ीनी बनाकर तेलंगाना अवाम को 9 दिसम्बर को सदर नशीन यू पी ए-ओ-सदर कांग्रेस सोनिया गांधी की सालगिरा के मौके पर अमली तौर पर अलाहिदा रियासत तेलंगाना का तोहफ़ा पेश किया जा सके।

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