Saturday , December 16 2017

अलीगढ़ यूनीवर्सिटी अराज़ी को लीज़ पर देने की तजवीज़ से दसतबरदारी

अलीगढ़: वाइस चांसलर लेफ्टेनेंट जनरल ( रिटायर्ड) ज़मीर उद्दीन शाह ने आज बताया कि मुंबई के एक बिल्डर को गेस्ट हाउज़ की तामीर के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी की अराज़ी को लीज़ ( पट्टा ) पर देने की तजवीज़ से दसतबरदारी इख़तियार करली गई है । यूनीवर्सिटी बिरादरी के नाम एक खुले मकतूब में अराज़ी के तनाज़ा और दीगर मसाइल पर ग़लत-फ़हमियों के अज़ाला की कोशिश की।

तलबा-ए-, असातिज़ा और बाज़ तन्ज़ीमों के शदीद एहतेजाज के पेश-ए-नज़र मुंबई के एक बिल्डर ने जो कि यूनीवर्सिटी के क़दीम तालिबे-इल्म हैं प्रोजेक्ट से रज़ाकाराना दसतबरदारी इख़तियार करली है जोकि 25साल के लीज़ पर BOT( तामीर। इस्तेमाल। मुंतकली ) की बिना पर मंज़ूर किया गया था।

ज़मीर शाह ने ये वज़ाहत की कि यूनीवर्सिटी की अराज़ी को पट्टा पर देने का मक़सद एक बेहतरीन गेस्ट हाउज़ की तामीर है ताकि साल 2017 में सद साला तक़ारीब के दौरान मेहमानों के लिए क़ियाम की सहूलत हो सके। जबकि 100कमरों में से 10कमरे यूनीवर्सिटी के लिए मुख़तस किए जाने की तजवीज़ थी।

सर सय्यद फ़ाउंडेशन के ताहयात ट्रस्टी बनाए जाने के लिए उनकी कोशिशों पर जिसके तहत उत्तरप्रदेश के तमाम अज़ला में स्कूलों के क़ियाम का मन्सूबा है। ज़मीर शाह ने कहा कि अगर आइन्दा इजलास में कम्यूनिटी लीडर्स और एक्ज़िक्युटो काउंसिल किसी और को नामज़द करती है तो उन्हें सबसे ज़्यादा ख़ुशी होगी कि कोई उनका मुतबादिल तो है। उन्होंने ये निशानदेही की कि वज़ारत अक़ल्लीयती उमोर ने स्कूल इमारतों की तामीर सालाना 10करोड़ फ़राहम करने के लिए आमादा है।

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