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अलेप्पो के साथ खड़ी हुई इंसानियत, दुनिया के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन

People gather during a protest to show solidarity with the residents of Aleppo and against Assad regime forces, in Rabat December 14, 2016. REUTERS/Stringer FOR EDITORIAL USE ONLY. NO RESALES. NO ARCHIVES

अलेप्पो: दुनिया के विभिन्न शहरों में बुधवार को सीरिया के शहर अलेप्पो के साथ एकजुटता का इज़हार करने के लिए प्रदर्शन किए गए। अलेप्पो के पूर्वी हिस्से को विशेष रूप से बशर सरकार और उसके सहयोगियों की ओर से आयोजित नरसंहार का निशाना बनाया जा रहा है।

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अल अरबिया डॉट नेट के अनुसार प्रदर्शन में शरीक लोगों ने अलेप्पो के पूर्व सशस्त्र सीरियाई विपक्ष के अंतिम गढ़ पर लगातार बमबारी के विरोध और हवाई हमलों और गोलीबारी के बीच फंसे नागरिकों के साथ भरपूर समर्थन व्यक्त किया।

People gather in front of the Iranian Consulate to protest against Iran’s role in Aleppo, in Istanbul, Turkey, late December 14, 2016. REUTERS/Murad Sezer
People gather during a protest to show solidarity with the residents of Aleppo and against Assad regime forces, in Casablanca December 14, 2016. The signs read: “Aleppo in our eyes” and “Aleppo is burning”. REUTERS/Youssef Boudlal

तुर्की के शहर इस्तांबुल में 1000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने ईरानी दूतावास के सामने जमा होकर सीरिया विशेषकर अलेप्पो में तेहरान और मास्को की करतूतों की कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने ईरान विरोधी नारे लगाए जिनमें “ए हत्यारा ईरान तो सीरिया से निकल जा” का नारा भी शामिल था। कुवैत की राजधानी में लगभग 2000 नागरिकों ने रूसी दूतावास के सामने प्रदर्शन किया। कुवैत शहर में होने वाले इस प्रदर्शन के प्रतिभागियों की मांग थी कि अलेप्पो के पूर्वी हिस्से का घेरे को खत्म करके नागरिकों की वापसी की अनुमति दी जाए।

डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में बुधवार शाम लगभग 7 हजार लोगों ने पूर्वी अलेप्पो में जारी बमबारी का विरोध कर वहाँ की परेशान नागरिकों के साथ एकजुटता का इज़हार के लिए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और प्ले कार्ड उठा रखे थे जिन पर “अलेप्पो को बचायें” और “नरसंहार बंद करो” के नारे लिखे थे। इससे पहले डेनमार्क के प्रधानमंत्री लार्स रास मोसन ने बुधवार को दिन में अपने एक ट्विट में लिखा था कि “अलेप्पो को एक ख़ौफ़नाक त्रासदी का सामना है.. बच्चों को मौत की नींद सुलाया जा रहा है और अस्पताल बमबारी का निशाना बन रहे हैं, मानवता नैतिकता का पूरी तरह जनाज़ा निकाल दिया गया है। ”

A women cries during a protest to show solidarity with the residents of Aleppo and against Assad regime forces, in Rabat December 14, 2016. REUTERS/Stringer FOR EDITORIAL USE ONLY. NO RESALES. NO ARCHIVES
A Turkish student cries during a protest to show solidarity with trapped citizens of Aleppo, Syria, in Sarajevo, Bosnia and Herzegovina December 14, 2016. REUTERS/Dado Ruvic TPX IMAGES OF THE DAY
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