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अल्पसंख्यक कल्याण बजट का खुलासा मामले प‌र 24 नवंबर को चर्चा

हैदराबाद 04 नवम्बर:  अल्पसंख्यक कल्याण विधायिका समिति की बैठक में रोज़नामा सियासत से अल्पसंख्यक कल्याण के बजट की इजराई के प्रकटीकरण का मामला चर्चे का विषय रहा। कुछ सदस्यों ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों से सियासत में बजट की इजराई के बारे में पिछले दिनों प्रकाशित रिपोर्ट की पुष्टि प्राप्त करनी चाही, जिस पर अधिकारियों ने बताया कि जो भी रिपोर्ट छपी है वह तथ्यों पर सही है और जारीया वित्तीय वर्ष बजट की इजराई की गति बेहद धीमी है।

गौरतलब है कि रोज़नामा सियासत ने अल्पसंख्यक कल्याण के बजट की इजराई और खर्च के नवीनतम आंकड़े पेश किए थे जिसके तहत 1200 करोड़ के मिनजुमला सिर्फ़ 270 करोड़ 95 लाख रुपये खर्च किए गए जबकि सरकार ने 635 करोड़ रुपये की इजराई के आदेश जारी किए हैं लेकिन बजट जारी नहीं हुआ।

बजट के तीसरे तिमाही की शुरुआत के बावजूद धीमी गति इजराई कई स्कीमात को ठप कर दिया है। बताया जाता है कि विधायिका समिति में सदस्यों ने ‘राजनीति’ की रिपोर्ट के आधार पर सचिव अल्पसंख्यक कल्याण से स्पष्टीकरण मांगी। उन्होंने बताया कि जो भी रिपोर्ट ‘राजनीति’ ने प्रकाशित की वे सरकारी आंकड़ों के अनुसार है। 249 करोड़ के बिल ट्रेजरी में लंबित हैं। सदस्यों ने बजट की धीमी गति इजराई पर चिंता व्यक्त करते हुए फैसला किया कि विधायिका समिति की आगामी बैठक 24 नवंबर को आयोजित किया जिसमें सचिव वित्त को तलब करते हुए कारणों का पता कीया जाएगा। समिति ने फैसला किया कि अगर सचिव वित्त बजट की इजराई के सिलसिले में कार्रवाई नहीं करेंगे तो विधायिका समिति मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात करते हुए बजट की इजराई के लिए प्रतिनिधित्व करेगी।

अल्पसंख्यक अधिकारियों ने भी कहा कि बजट की अदम इजराई प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। देखना यह है कि विधायिका समिति अल्पसंख्यक कल्याण का बजट प्राप्त करने में किस हद तक सफल हो पाएगी। हालांकि समिति को सरकार से सिफारिश करने के विकल्प हैं और इसमें सत्ता और इस की सहयोगी दल के सदस्य शामिल हैं। देखना होगा कि बजट की इजराई के सिलसिले में समिति 24 नवंबर की बैठक में विभाग वित्त अधिकारियों पर किस हद तक प्रभावित हो पाएगी। इस बैठक में ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के अधिकारियों को भी आमंत्रित करने का फैसला किया गया क्योंकि विभिन्न ओक़ाफ़ी जायदादों मुआवजा के रूप में 380 करोड़ रुपये वसूल तलब हैं।

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