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अल्लामा एजाज़ फ़र्ख़ की तसनीफ़ हैदराबाद शहर नगारां- नायब सदरे जमहूरीया की तौसीफ

नई दिल्ली  18 नवंबर (सियासत न्यूज़) उर्दू के साहिब-ए- तर्ज़ क़लमकार अल्लामा एजाज़ फ़र्ख़ की किताब हैदराबाद शहर नगारां की तौसीफ करते हुए जनाब मुहम्मद हामिद अंसारी नायब सदरे जमहूरीया हिंद ने कहा कि उन्हों ने निहायत दिलचस्पी से इस किताब

नई दिल्ली  18 नवंबर (सियासत न्यूज़) उर्दू के साहिब-ए- तर्ज़ क़लमकार अल्लामा एजाज़ फ़र्ख़ की किताब हैदराबाद शहर नगारां की तौसीफ करते हुए जनाब मुहम्मद हामिद अंसारी नायब सदरे जमहूरीया हिंद ने कहा कि उन्हों ने निहायत दिलचस्पी से इस किताब का मुताला किया है।

उन्हों ने कहा कि अल्लामा के मुनफ़रद उस्लूब और तर्ज़ निगारिश ने उन्हें बेहद मुतास्सिर किया। जनाब ज़ाहिद अली ख़ां मुदीर सियासत और अल्लामा एजाज़ फ़र्ख़ से एक तफ़सीली मुलाक़ात के दौरान उन्हों ने अल्लामा की किताबों को एक बेशक़ीमत तोहफ़ा क़रार देते हुए कहा कि अगरचे कि सारे मज़ामीन अपनी नौईयत के एतबार से अदब के शाहकार हैं, लेकिन कौन खोलेगा तिरे बंद-ए-क़बा मेरे बाद मतन, उस्लूब और तर्ज़ तहरीर के ज़िमन में एक मुनफ़रिद अंदाज़ का हामिल है, जो क़ारी पर अपने गहरे नुक़ूश छोड़ता है।

अल्लामा एजाज़ फ़रह की ये तसनीफ़ रस्म रूनुमाई की मुक़र्ररा साअतों में नागुज़ीर वजूहात के सबब मुल्तवी करदी गई थी। अल्लामा की ख़ाहिश पर हैदराबाद की तहज़ीबी, सक़ाफ़्ती और वज़ादार तारीख़ी किताब की हैदराबाद में रस्म रूनुमाई के लिए नायब सदर जमहूरीया ने अपनी रजामंदी और ख़ुशनुदी का इज़हार करते हुए अल्लामा से कहा कि वो इसी तरह से अपने क़लमी सफ़र को जारी रखें, ताकि ख़ूबसूरत ज़बान-ओ-ब्यान के ये शहि पारे आलाअदब का ज़ौक़ रखने वालों की तसकीन का सामान फ़राहम करसकें।

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