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अलक़ायदा का मर्कज़ी ग्रुप कमज़ोर : अमेरीकी ओहदेदार

वाशिंगटन 13 अप्रैल : नेशनल इन्टली जेन्स के डायरेक्टर ने कहा कि ग्यारह सितंबर के हमलों को एक दहाई से ज़ाइद अर्सा गुज़रने के बाद अब अमेरीका को ज़्यादा तर साइबर हमलों और साइबर जासूसी के ख़तरात का सामना है। अमेरीकी इन्टली जेन्स के एक आला ओहदेदार ने कहा है कि दहश्तगर्द अलक़ायदा का मर्कज़ी ग्रुप इस हद तक कमज़ोर हो चुका है कि शायद अब वो मग़रिब में ज़्यादा ख़तरनाक और शदीद हमले नहीं कर सकते।

ये जायज़ा नेशनल इन्टली जेन्स के डायरेक्टर जेम्ज़ कलीपर की तरफ़ से कांग्रेस को पेश करदा सालाना सेक्योरिटी रिपोर्ट का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 9/11 के हमलों को एक दहाई से ज़ाइद अर्सा गुज़रने के बाद अब अमेरीका को ज़्यादा तर साइबर हमलों और साइबर जासूसी के ख़तरात का सामना है।

कलीपर ने कहा कि ये हमले बिजली की तंसीबात और ऐसे ही निज़ाम में खराब‌ हिफ़ाज़ती हिसार वाले कम्पयूटर नेट वर्क़्स पर हो सकते हैं। कलीपर ने शुमाली कोरिया की धमकी का ज़िक्र करते हुए कहा ये मुल्क उस वक़्त तक जौहरी हथियार इस्तिमाल नहीं करेगा जब तक उसकी बक़ा को ख़तरा दरपेश ना हो।

ईरान से मुताल्लिक़ उन्होंने कहा कि वो ऐसी आला दर्जे की यूरेनियम पैदा नहीं कर सकता जो नज़र में आए बगै़र ऐटम बम बनाने के लिए इस्तिमाल की जा सके।

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