Sunday , December 17 2017

अवामी कंपनियों की फ़ाज़िल ( अतिरिक्त) रक़म से इस्तिफ़ादा नागुज़ीर: मनमोहन

नई दिल्ली, २४ अक्तूबर (पी टी आई) हुकूमत को मालिया ने दरपेश मुश्किलात के पेश नज़र वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने आज नक़दी से मालामाल 25 मर्कज़ी पी एस यूज़ (अवामी शोबा की कंपनियां) से कहा कि 2.5 लाख करोड़ रुपय के अपने फ़ाज़िल फ़ंड की सरमाया कारी ( निवेश) क

नई दिल्ली, २४ अक्तूबर (पी टी आई) हुकूमत को मालिया ने दरपेश मुश्किलात के पेश नज़र वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने आज नक़दी से मालामाल 25 मर्कज़ी पी एस यूज़ (अवामी शोबा की कंपनियां) से कहा कि 2.5 लाख करोड़ रुपय के अपने फ़ाज़िल फ़ंड की सरमाया कारी ( निवेश) करें ताकि मआशी ( माली/ आर्थिक) तरक़्क़ी को जिहत मिल सके।

एक मीटिंग में जिसे वज़ीर-ए-आज़म ने तलब किया और जिस में वज़ीर फायनेंन्स पी चिदम़्बरम भी शरीक हुए सरकर्दा पब्लिक सेक्टर यूनिटों को पर ज़ोर पयाम दिया गया कि या तो अपने ख़तीर ( बहुत ज़्यादा) फ़ाज़िल रक़ूमात की सरमाया कारी करें यह उसे सरकारी ख़ज़ाना को ख़ुसूसी नफ़ा के तौर पर वापिस अदा कर दें ।

दफ़्तर वज़ीर-ए-आज़म के एक बयान में कहा गया कि वज़ीर-ए-आज़म ने सी पी एस एज़ के ज़बरदस्त फ़ाज़िल सरमाइयों ( पूँजी) पर तवज्जा ( ध्यान) दिलाते हुए उन से कहा कि इस फ़ाज़िल सरमाया को ख़ुद अपने फ़वाइद (फायदे) और मईशत (जीविका/ जिंदगी) के फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करें।

उन्हें इसका इस्तेमाल सरमाया तरक़्क़ी और नौकरियों को बढ़ाने के लिए करना चाहीए। इस तरह कि फ़ाज़िल सरमाया की मशग़ूलियत मआशी ( आर्थिक ) तरक़्क़ी को नई जिहत दिलाने में मदद करेगी। वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि मुल्क को 8 से 8.5 फीसद शरह तरक़्क़ी हासिल करना चाहीए इससे क़ता नज़र कि आलमी मईशत ( दुनियावी जीवीका) में क्या होता है।

TOPPOPULARRECENT