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अवामी रुझान की तौहीन न हो : हेमंत

रांची 16 जुलाई : वजीर ए आला हेमंत सोरेन ने कहा है कि सियासी मुखालफत करते वक़्त अवामी रुझान का तौहीन नहीं किया जाना चाहिए। अगर रियासत के तरक्की और रियासत मुफाद में एहतेजाज किया जायेगा तो वह उसका एहतेराम करेंगे। यह ध्यान रखना होगा कि

रांची 16 जुलाई : वजीर ए आला हेमंत सोरेन ने कहा है कि सियासी मुखालफत करते वक़्त अवामी रुझान का तौहीन नहीं किया जाना चाहिए। अगर रियासत के तरक्की और रियासत मुफाद में एहतेजाज किया जायेगा तो वह उसका एहतेराम करेंगे। यह ध्यान रखना होगा कि सियासी मुखालफत के चक्कर में रियासत का तरक्की में न रुकावट हो।

मीडिया को भेजे अपने पैगाम में सीएम ने कहा है कि इस रियासत का ख्वाब 13 साल बाद भी नामुकम्मिल है। गुजिस्ता गलतियों से सबक लेते हुए अधूरे काम को पूरा करना है। साथ चलने की एक नयी मिसाल पेश करनी है। माजी में क्या हुआ, इसे दोहराने से कुछ हासिल नहीं होगा। अब यह तय करना है कि गुजिस्ता गलतियां न दोहरायी जाये। सीएम ने कहा कि मुआशरती जरूरतों को एहसास करने में मुआशरे के हर तबके और हर सियासी पार्टी का तावुन चाहिए। इतनी बड़ी जिम्मेवारी पूरा करने के लिए सबका तावुन चाहिए। तावुन रहेगा तो हुकूमत न सिर्फ मुद्दत पूरा करेगी बल्कि रियासत का तरो ताज़ा कर तमाम की खाद्शात को बे बुनियाद साबित करेगी।

सीएम ने कायेदिनों और मीडिया से दरख्वास्त की है कि उनकी गलतियों को निशान देह कर बतायें। वह तनकीद से घबराते नहीं, बल्कि इसे आगे बढ़ने की सीढ़ी मानते हैं। उनकी कोशिश है कि एक्तेदार पार्टी और ओपोजिशन के तमाम असेंबली रुक्न को साथ लेकर आपसी बहामी एतमाद और बा अहंगी से हुकूमत काम कर नयी मिसाल पेश करें।

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